काशीपुर। गर्मी के तेवर के बीच बाजार अब आम और लीची की खुशबू से महक रहा है। सीज़न फलों की आमद बढ़ते ही खरीदार भी फलों की दुकानों पर पहुंचने लगे हैं। शहर के फल बाजारों में आम की किस्में लंगड़ा, दशहरी, मल्लिका आदि और लीची ने खरबूज-तरबूज की जगह ले ली है। फल विक्रेता नईम व राकेश ने बताया पिछले हफ्ते की अपेक्षा अब आम की मांग बढ़ गई है।
लंगड़ा और दशहरी ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। आम 80 से 100 रुपये किलो में बिक रहा है, जबकि लीची 120 से 150 रुपये किलो बिक रही है। उन्होंने बताया बाजार में आम व लीची के आने से अब खरबूज-तरबूज की बिक्री पर असर पड़ा है। आम-लीची का सीज़न पीक पर आने से इसकी मांग लगभग 30 से 40 फीसदी घट गई है। उन्होंने बताया कि लीची की शेल्फ-लाइफ कम होने से ताजा माल रोज मंडी में पहुंच रहा है। बाजार में अगले 15-20 दिन तक लीची की रौनक रहने की उम्मीद है।
राकेश ने बताया कि मई माह तक खरबूज व तरबूज की काफी मांग रही लेकिन आम-लीची का बाजार में आने से ग्राहक में इसकी मांग काफी कम हो गई है। फल विक्रेताओं का कहना है कि जून माह में आम-लीची का सीज़न पीक पर रहेगा। बारिश होते ही लीची का स्वाद और बढ़ेगा पर आम जल्दी खराब होने लगेगा।
वहीं, पंतनगर कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक प्रसार/शिक्षा डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने बताया कि इस बार समय पर बारिश और बेहतर पैदावार से आम और लीची की क्वालिटी अच्छी है। वर्तमान में गर्मी पड़ने और लू चलने से लीची में मिठास बढ़ गई है।
इनसेट.......
बाजार में यह आम है पहली पसंद
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र से आने वाला अल्फांसो आम लोगों को स्वाद में पसंद आता है। इसकी बनावट, सुगंध और स्वाद लोगों को आकर्षित करता है।
आंध्रप्रदेश से बैंगनपल्ली आम यहां बाजार में आता है। इस आम का आमतौर पर लोग सफेदा आम के नाम से जानते हैं। इसका छिलका चमकदार, पतला और मक्के जैसा सुनहरा पीला होता है।
लखनऊ के मलिहाबाद और काकोरी क्षेत्र का दशहरी आम अपनी मिठास और खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। बाजार में मलिहाबादी दशहरी के नाम से बेचा जाता है।
गुजरात का केसर आम लोकप्रिय आमों में से एक है। यह गुजरात के जूनागढ़ और अमरेली जिलों में उगाया जाता है। इसे फलों का राजा भी कहा जाता है।