काशीपुर। सुखवंत आत्महत्या के मामले में मुख्य आरोपी और राधेहरि डिग्री कॉलेज छात्रसंघ में कोषाध्यक्ष रह चुके अमरजीत सिंह का आपराधिक गतिविधियों से पुराना नाता रहा है। अपने को चर्चा में लाने के लिए खुद ही अपनी कार पर फायरिंग की थी। यह मामला छात्रसंघ चुनाव के दौरान काफी चर्चाओं में रहा।
काशीपुर के प्रकाश सिटी निवासी और सुखवंत आत्महत्या मामले का मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह लगभग 12 साल पहले राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में कोषाध्यक्ष के पद पर चुना गया। इस दौरान उसने खुद को चर्चाओं में लाने के लिए चैती मेला मैदान में शाम के समय अपनी कार पर खुद फायर झोंके थे। इसमें उसका एक साथी भी साथ में था। तब आईटीआई थाना पुलिस जांच में पता चला था कि अमरजीत ने चुनाव के दौरान खुद को चर्चाओं में लाने के लिए यह किया।
ट्रैक्टर चढ़ाकर पुलिस अधिकारी को मारने का किया था प्रयास
अभियुक्त अमरजीत को लेकर बताया जा रहा है कि कई साल पहले शुगर मिल रोड पर एक पुलिस अधिकारी के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर मारने का प्रयास किया था। इसमें उसका पैर टूट गया था। इस पर प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह के खिलाफ काशीपुर थाना में चार और आईटीआई थाना में एक प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह के खिलाफ दो और आशीष चौहान के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज हैं।
इन पर हैं आरोप
सुखवंत आत्महत्या मामले में आईटीआई थाना पुलिस ने मृतक सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह की तहरीर के आधार पर अमरजीत सिंह, दिव्या, रवींद्र कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महिपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेंद्र, राजेंद्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह बक्सौरा, विजेंद्र, पूजा व जहीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन सभी के खिलाफ कुमाऊं कमिश्नर ने नोटिस जारी किए हैं।