रुद्रपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्र ने चोरी की बाइक की बरामदगी के मामले में दोषसिद्ध को राहत दी है। अदालत ने दोषसिद्ध की अपील पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम न्यायालय खटीमा (विचारण न्यायालय) की ओर से दी गई सजा के आदेश को निरस्त करते हुए निचली अदालत को अपीलार्थी के पुन: विचारण के आदेश दिए हैं।
सितारगंज निवासी मृदुल त्रिपाठी ने थाना सितारगंज में अक्तूबर 2010 को बाइक (यूके 06 पीवी 0978) के चोरी होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने 30 दिसंबर 2010 को केस दर्ज किया था और बाइक नहीं मिलने पर विवेचक ने 19 अप्रैल 2011 को अदालत में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। 12 फरवरी 2013 को नानकमत्ता पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद कर ली थी। पुलिस ने अभियुक्त स्वर्ण सिंह उर्फ सोनी निवासी नानकमत्ता के खिलाफ धारा 379 एवं धारा 411 आईपीसी के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
25 फरवरी 2020 को विचारण न्यायालय ने अभियुक्त स्वर्ण सिंह उर्फ सोनी को धारा 379 आईपीसी के तहत दोषमुक्त कर दिया था। न्यायालय ने धारा 411 आईपीसी के तहत सोनी को तीन साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ सोनी ने 16 मार्च 2020 को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में अपील दायर की थी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त को विचारण न्यायालय के समक्ष तीन जुलाई को उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।