फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udham Singh Nagar News: अपात्रों की किसान सम्मान निधि पर लगा ब्रेक

Tue, 07 Oct 2025 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर। जिले में कई वर्षों तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों की निधि रोक दी गई है। इसके पीछे कारण है फरवरी 2019 के बाद जमीन की खरीद या दान की जमीन लेना। ऐसे लोगों को अब किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा।
विज्ञापन

केंद्र सरकार की ओर से पीएम-किसान योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में भूमि-धारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया था। शुरू में इसमें जिन किसानों के नाम पर जमीन थी उन्हें दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें सम्मान निधि के रूप में मिली। इधर, केंद्र सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है कि जिन किसानों के नाम जमीन फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई है या दान में मिली है वे इसके पात्र नहीं होंगे। इससे जिले में करीब एक हजार लोगों की 20वीं किस्त रुक गई है।

एक हजार पति-पत्नी, पिता-पुत्र ले रहे थे लाभ
रुद्रपुर। पीएम किसान निधि योजना के तहत एक परिवार के एक ही सदस्य को इसका लाभ दिया जाना है। इसमें 2024 में फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान वंचित हो गए।
विज्ञापन


पोर्टल अपग्रेड होने से खुलने लगे मामले
रुद्रपुर। पीएम किसान निधि का पोर्टल लगातार अपग्रेड हो रहा है। शुरू में जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया उन्हें करीब तीन-चार वर्ष तक तो इसका लाभ मिला पर अब ऐसा नहीं है। 2014 से सभी जमीन के आंकड़े पोर्टल पर अपलोड हो गए हैं।

73500 के खाते में गई 20वीं किस्त
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में यूं तो योजना की शुरुआत में करीब 75 हजार किसान रजिस्टर्ड थे। इसके बाद यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़कर 85 हजार तक पहुंच गया पर अब जैसे-जैसे पोर्टल अपग्रेड हो रहा है तो लोग छंटते जा रहे हैं। जिले में 20वीं किस्त 73500 किसानों के खाते में भेजी गई है। इसमें बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो आयकर की श्रेणी में आते हैं तो कई ऐसे रहे जिनके परिवार के कई सदस्य इसका लाभ उठा रहे थे। कई ने केवाईसी नहीं कराई तो कई की फार्मर रजिस्ट्री अपलोड नहीं है।

कोट
किसान सम्मान निधि में फरवरी 2019 के बाद अगर जमीन खरीदी या दान में ली गई है तो इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों की निधि पर केंद्र सरकार की तरफ से रोक लगा दी गई है। -डा. अभय सक्सेना, मुख्य कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें