प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड टीम ने सिडकुल की फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर फैक्ट्री प्रबंधकों को ईटीपी लगाने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कहा कि ईटीपी (इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगने से फैक्ट्रियां खुद भी पानी ट्रीट कर पाएंगी। टीम ने बताया कि जिंदल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी दी गई है।
बृहस्पतिवार को प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सोनपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने सिडकुल स्थित जिंदल कंपनी का सीईटीपी (कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट), गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड, बालाजी एक्शन कंपनी, पारले बिस्किट्स, हेज इंडिया आदि कंपनियों का निरीक्षण किया और फैक्ट्रियों से पानी के सैंपल भी लिए। जिनकी पीसीबी द्वारा सैंपलों की जांच कराई जाएगी। सोनपाल ने बताया कि फैक्ट्रियों में ईटीपी लगाने के लिए प्रबंधकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में गुजरात अंबुजा व बालाजी एक्शन कंपनी द्वारा सबसे अधिक पानी नालों में छोड़ना सामने आया है। जिन्हें विशेष तौर पर जल्द प्लांट चालू करने को कहा है। अगर, फैक्ट्रियां ईटीपी प्लांट चालू नहीं करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बताया कि जिंदल को प्लांट ठीक कर दुबारा सीओटी आवेदन करने के लिए समय दिया गया था। लेकिन, जिंदल ने प्लांट ठीक नहीं कराया। जिससे फैक्ट्रियों के सामने पानी ट्रीट की परेशान आ खड़ी हुई है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को जिंदल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने को लिखा गया है। इस मौके पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सहायक अभियंता राकेश कंडारी आदि थे।