किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरमिंदर सिंह लाडी के बीच जुबानी को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि बयानों से हो रही पार्टी की किरकिरी और गुटबाजी के बाद दोनों नेताओं से बात कर हाईकमान ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने की नसीहत दी है। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि दोनों नेताओं के अब एक दूसरे के खिलाफ बयान नहीं आएंगे।
टीडीसी के भवनों की नीलामी प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ की चुप्पी पर कटाक्ष किया था। इस पर जवाब देते हुए बेहड़ ने बाजपुर के सिख नेता पर तीखी टिप्पणी की थी। इस पर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरमिंदर सिंह लाडी ने बेहड़ को ललकार दिया था। इसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। यह लड़ाई व्यक्तिगत टिप्पणी और मर्यादा को पार कर गई थी। बेहड़ ने लाडी को रुद्रपुर दंगे का मास्टर माइंड बता दिया था तो लाडी ने बेहड़ की भाजपा नेताओं से सांठगांठ के आरोप लगा दिए थे।
इस मामले को लेकर संगठन भी दो धड़े में बंट गया था। रुद्रपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी लाडी के समर्थन में आ गए थे। वहीं रुद्रपुर के अलावा गदरपुर से बेहड़ के समर्थन में कार्यकर्ता मुखर हो गए थे। सोशल मीडिया पर बेहड़ के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने अभियान भी छेड़ दिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ दो नेताओं के बीच जुबानी जंग पर भाजपा के लोग चुटकियां ले रहे थे। मामले में संगठन की फजीहत को देखते हुए हाईकमान को हस्तक्षेप करना था। इसके बाद तीन दिन से चल रहे आरोप प्रत्यारोप थम गए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि दोनों नेताओं से बात की जा चुकी है और अब वे कोई बयान एक दूसरे के खिलाफ नहीं देंगे।
कहा कि अगर किसी नेता या कार्यकर्ता को किसी बात से दिक्कत है तो वह सोशल मीडिया की बजाए पार्टी फोरम पर अपनी बात कहे। इस समय महिला अपराध, घोटाले सहित कई मुद्दे हैं। पार्टी नेता व कार्यकर्ता व्यक्तिगत लड़ाई में उलझने के बजाए मुद्दाें पर सोशल मीडिया व मीडिया पर मुखर हों।