काशीपुर। गर्मी और उमस के कारण सांप बिलों से बाहर निकलने लगे हैं। ऐसे में सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। काशीपुर क्षेत्र में दो महीने में दो दर्जन से अधिक सर्पदंश की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में वन विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
तराई क्षेत्र में बाघ और तेंदुए से ज्यादा दहशत सांपों की है। अप्रैल और मई माह में शायद ही कोई दिन जाता हो जब सांप निकलने की घटना नहीं होती हो। कई बार तो रेस्क्यू के दौरान वनकर्मी भी सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं। काशीपुर क्षेत्र की बात करें तो मई में 12 लोग सर्पदंश के शिकार हुए हैं वहीं अप्रैल में 11 तो मार्च में तीन लोगों को सांप ने काटा था। हालांकि सभी ने समय रहते अस्पताल में जाकर उपचार कराया। सांप रेस्क्यू करने वाले वाहिद अहमद ने बताया कि वर्तमान समय में कोबरा, बैंडेड करैत जैसे बेहद जहरीले सांपों को रेस्क्यू किया है। सांप निकलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोबरा के मामले सर्वाधिक सामने आते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में वनकर्मी कर रहे जागरूक
काशीपुर रेंज के रेंजर देवेंद्र रजवार ने बताया कि गर्मी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा सांप निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में वनकर्मी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। सांप निकलने की सूचना तत्काल देने और सांप के काटने के बाद तत्काल अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं पड़ने की सलाह दी जा रही है।