रुद्रपुर। जिन हाथों में सुनहरे भविष्य के लिए कलम और किताब होनी चाहिए, उनमें बेहद कम उम्र में ही हथकड़ी लग रही है। दो से पांच हजार रुपये का तमंचा रखने का शौक 18 से 25 वर्ष की युवा पीढ़ी को अपराध के दलदल में धकेल रहा है। असलहा आसानी से युवाओं को मिल तो जा रहा है लेकिन वह उन्हें अपनों से दूर कर देता है।
ऊधमसिंह नगर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। चिंता की बात ये है कि इसमें युवाओं की संलिप्तता अधिक है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो साल में नशा तस्करी, साइबर अपराध, चोरी, लूट, झपटमारी और मारपीट जैसे मामलों में 300 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें बड़ी संख्या 19 से 20 वर्ष की उम्र के युवाओं की है।
कम उम्र में असलहा रखने का शौक युवाओं को सीधे अपराध की राह पर धकेल रहा है। बेरोजगारी, नशे की आसान उपलब्धता, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और गलत संगत युवाओं को अपराध की ओर ले जा रही है। पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। मगर युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए काउंसलिंग, रोजगार के अवसर और नशा मुक्ति अभियान को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपराध के दलदल में फंसने से बच सकें।
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ये हुए गिरफ्तार
केस-1- चार जनवरी 2026 को 19 वर्षीय रोहित यादव को रुद्रपुर के बाहरी इलाके में पुलिस ने दबिश के दौरान अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था।
केस-2- 15 फरवरी 2026 को 18 वर्षीय विकास कुमार गदरपुर-रुद्रपुर मार्ग पर संदिग्ध स्थिति में गिरफ्तारी की थी। उसके पास से एक तमंचा मिला।
केस-3- 28 फरवरी 2026 को 19 वर्षीय आर्यन सिंह को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में अवैध हथियार लहराते और लोगों को डराने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
केस-4 12 मार्च 2026 को 18 वर्षीय साहिल अहमद को किच्छा रोड पर चेकिंग के दौरान एक .315 बोर के तमंचे और कारतूस के साथ पकड़ा गया था।
केस-5- 16 मार्च 2026 को बंटी कोली के साथ 19 वर्षीय मनोज कुमार को रुद्रपुर के मोदी मैदान के पास मुठभेड़ के दौरान अवैध तमंचा के साथ गिरफ्तार किया गया था।
- जिले में नशा तस्करी, चोरी और तमंचा रखने वालों में 18 से 21 वर्ष के युवा शामिल रहे हैं। दो हजार रुपये में ही तमंचे उपलब्ध हो रहे हैं। इसे लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। जिले में अवैध हथियारों और नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा जिससे युवा पीढ़ी अपराध से दूर रहे। - अजय गणपति, एसएसपी