रुद्रपुर। जीएसटी विभाग ने बैंकिंग रिकॉर्ड और रिटर्न के मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करदाताओं के बैंक लेन-देन और दाखिल रिटर्न की क्रॉस-चेकिंग की जा रही है ताकि विसंगति या कर चोरी को रोका जा सके।
अधिकारियों के अनुसार यह एक नियमित और सतत प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाना है। विभाग उन मामलों पर विशेष ध्यान दे रहा है जहां बैंक खातों के लेन-देन और रिटर्न में घोषित कारोबार में अंतर पाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक जिन करदाताओं के आंकड़ों में अंतर मिल रहा है उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इसके बाद जरूरत अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि इस पहल से फर्जी बिलिंग, टैक्स चोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे बैंकिंग लेन-देन और जीएसटी रिटर्न का मिलान सही रखें और समय पर रिटर्न दाखिल करें। साथ ही, किसी भी तरह की त्रुटि पर उसे सुधारें ताकि भविष्य में परेशानी न हो।
बैंकिंग रिकॉर्ड और रिटर्न का मिलान एक नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को पारदर्शी बनाना और कर चोरी पर रोक लगाना है। जिन मामलों में अंतर पाया जा रहा है वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। -विनय प्रकाश ओझा, उपायुक्त, राज्य कर