काशीपुर। बायोमेडिकल वेस्ट का सही से निस्तारण नहीं होने से सरकारी अस्पताल खुद संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रहा है। अस्पताल के पास कचरा एकत्र करने के लिए रखा डस्टबिन तक गल चुका है। मवेशियों के कचरा में मुंह मारने से परिसर में गंदगी फैली रहती है।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में आसपास क्षेत्रों से रोज 600 से अधिक मरीज पहुंचते है। विभिन्न बीमारी के कई मरीज रोज भर्ती होते हैं। ऑपरेशन, सामान्य एवं सीजर प्रसव भी होते हैं। विभिन्न स्थानों से भारी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। इसे एकत्र करने के लिए ट्रामा सेंटर के पीछे लोहे का डस्टबिन रखा हुआ है लेकिन वह गल चुका है।
कचरा के ढेर में कुत्ते एवं अन्य बेजुबान जानवर घुसकर मुंह मारते हैं परिसर में फैला देते हैं। कबाड़ी भी मौका पाकर कबाड़ बीनते हैं। पास में ही बने आवास में रहने वाले कर्मचारियों और मरीज दुर्गंध से परेशान है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. संदीप दीक्षित का कहना है कि डस्टबिन बनवाया जाएगा।
सरकारी अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिए गदरपुर से एक संस्था का वाहन सप्ताह में दो दिन जाता है। नियमित कचरा उठाने के लिए कंपनी से आग्रह किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जा सकती है। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर