सरदार भगत सिंह राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को छात्र संघ चुनाव गहमागहमी के बीच संपन्न हो गया। अध्यक्ष पद पर सीधे मुकाबले में नकुल कैड़ा ने सौरभ राय को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया।
शनिवार को कालेज में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रात: 8 बजे से एक बजे तक मतदान हुआ। कॉलेज में बनाए गए दस बूथों पर निर्धारित समय सीमा तक 57.43 प्रतिशत मतदान हुआ जो पिछले वर्ष से चार फीसदी कम है। निर्धारित समय सीमा तक कुल 5294 वोटरों में से 3029 छात्र-छात्राओं ने वोट डाले। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक थी। दोपहर दो बजे बाद मतगणना शुरू हुई। देर शाम चुनाव अधिकारी डीकेपी चौधरी ने परिणाम घोषित किए।
अध्यक्ष पद पर नकुल कैड़ा ने सौरभ राय को 122 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया। नकुल कैड़ा को 1501 और सौरभ राय को 1379 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर कमलेश कुमार गुप्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी सुमिंदर यादव को 827 मतों से पराजित किया। कमलेश को 1802 और सुमिंदर को 975 वोट मिले। छात्रा उपाध्यक्ष पद पर रूपा रानी ने सुनीता को हराया। रूपा को 1783 और सुनीता को 866 मत मिले। सचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबले में शुभम मेहरा विजयी रहे। शुभम को 1619, रोहित सिंह को 811 और रोहित कुमार को 346 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर मोहित सोनकर और वाणिज्य संकाय पद पर कमल पंत निर्विरोध निर्वाचित हुए।
संयुक्त सचिव पद पर जसप्रीत सिंह विजयी रहे उन्हें 1554 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी हिमांशु कन्नौजिया को 1263 मत पड़े। विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर दीपक श्रीवास्तव ने रजत छाबड़ा को हराया। कला संकाय प्रतिनिधि के लिए उमेश कुमार विजयी रहे, जबकि विश्व विद्यालय प्रतिनिधि के पद पर त्रिकोणीय मुकाबले में पवन कुमार विजयी रहे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को कॉलेज परिसर में प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद ने शपथ दिलाई। इसके बाद विजयी प्रत्याशियों को पुलिस सुरक्षा में घर तक छोड़ा गया। परिणामों की घोषणा के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने जश्न मनाया।
छात्र संघ चुनाव में सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कॉलेज परिसर को पुलिस ने छावनी में तब्दील किया था। मतदान के लिए बनाए गए दस बूथों में से सभी पर वीडियो कैमरा लगाया गया वहीं कालेज परिसर में लगाये गये पांच सीसी कैमरों से भी चुनाव पर नजर रखी गई। चुनाव निर्विघ्न संपन्न हो इसके लिए सीपीयू की टीम की भी मदद ली गई। सड़क पर कोई उपद्रव न हो इसके लिए सीओ मंजू नाथ ने कमान संभाली थी। पुलिस ने सड़क पर वोट की अपील कर रहे छात्र नेताओं को कई बार खदेड़ा। चुनाव स्थल पर 3 सीओ, 4 कोतवाल, 31 उपनिरीक्षक, 250 सिपाही, एक प्लाटून महिला पीएसी, एक प्लाटून पुरुष पीएसी ने व्यवस्थाएं संभाल रखी थी।
पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी छात्र नेता धारा 144 का उल्लंघन करने से बाज नहीं आए। कालेज परिसर के बाहर धारा 144 लागू होने के बावजूद कई छात्र नेता झुंड बनाकर मतदान की अपील करते रहे। हालांकि पुलिस ने इन पर कई बार सख्ती भी दिखाई।
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बंगाली वोटों का नहीं हो सका ध्रुवीकरण
रुद्रपुर। बंगाली वोटों के सहारे अध्यक्ष पद पर नैया पार करने की आस लगाए सौरभ राय के पक्ष में बंगाली वोटों का ध्रुवीकरण नहीं हो पाया। चुनाव से पहले माना जा रहा था कि पहली बार कालेज में बंगाली छात्र नेता के पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण हो सकता है। लेकिन चुनाव से ठीक पहले समीकरण बिल्कुल बदल गए और नकुल कैड़ा ने अध्यक्ष पद पर अपना परचम लहरा दिया।
छात्र संघ चुनाव में इस बार नोटा का भी खूब प्रयोग हुआ। कुल 3029 छात्र-छात्राओं ने वोट डाले थे जिनमें से 442 ने विभिन्न पदों पर नोटा पर मोहर लगाई। उपाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा 243 छात्र-छात्राओं ने नोटा का प्रयोग किया। विश्व विद्यालय प्रतिनिधि पद पर 68, छात्रा उपाध्यक्ष पद पर 32, सचिव पर 21, संयुक्त सचिव पद पर 17, अध्यक्ष पद पर 9, कोषाध्यक्ष पद पर 2, संकाय प्रतिनिधि पर कुल 50 मतदाताओं ने नोटा पर मोहर लगाई।