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सिडकुल की पांच फैक्ट्रियां कीं सीज

Sat, 06 Feb 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
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 एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सिडकुल की पांच फैक्ट्रियों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बिना अनुमति के चलते सीज कर दिया। वहीं हाईकोर्ट सेे स्टे के चलते तीन फैक्ट्रियों को सीज नहीं किया गया।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 10 दिसंबर 2015 तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति नहीं लेने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में आवेदन न करने वाली 8 कंपनियों को सीज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काशीपुर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को 8 कंपनी की बिजली काटने के आदेश दिए थे, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा कंपनियों की बिजली नहीं काटी गई।
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इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय ने फैक्ट्रियों को सीज करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही एसडीएम अनिल शुक्ला के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सिडकुल की फैक्ट्रियों में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई शुरू होते ही कंपनियों में खलबली मच गई। अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे, लेकिन एनजीटी का हवाला देते हुए प्रशासन ने सेक्टर 4 स्थित यूरोसिया डोर डिवाइस के इलैक्ट्रिक पैनल को सीज कर दिया। उसके बाद टीम ने सेक्टर 11 स्थित मित्तर एंड मित्तर इंजीनियर्स, सेक्टर 2 की रादू प्रोडेक्ट,  सेक्टर 6 स्थित एसएलजी ब्राइट वायर और सेक्टर 4 स्थित क्वाइट एक्सपोर्ट के इलेक्ट्रिक पैनल और जनरेटर को सीज कर दिया।
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इसके बाद टीम पंकज गैस सिलेंडर, सुंदरम फास्टनर्स और माइक्रो टर्नर पहुंची। जहां प्रबंधन ने हाईकोर्ट का स्टे दिखा दिया, जिसमें कंपनी को मोहलत दी गई है। एनजीटी के आदेश के बाद हुई कार्रवाई से सिडकुल के उद्योगों में खलबली मच गई। सीज करने वाली टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता नरेश गोस्वामी, क्षेत्रीय प्रबंधक सोमपाल सिंह, संयुक्त निदेशक उद्योग बीआर आर्य, जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक जीपी दुुर्गापाल आदि मौजूद थे।

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