झुंड से बिछड़े हाथी ने रुद्रपुर की शांतिकालोनी के पास सेल्फी लेने की कोशिश करने वाले युवक को कुचलकर घायल कर दिया। युवक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि झुंड से बिछड़े दोनों हाथियों ने पिछले दिनों यूपी में दो लोगों की जान लेने और उत्पात मचाने के बाद यहां का रुख किया है। शांति कालोनी में अशांति फैला रहे हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम पुलिस कर्मियों के साथ दिनभर नजर रख रही है।
सोमवार सुबह करीब छह बजे क्षेत्र की शांति कॉलोनी निवासी संजय भट्ट और टीटू ने एक खेत में दो हाथियों को देखा। दोनों सेल्फी लेने के लिए हाथियों के करीब पहुंच गए। इस पर हाथियों ने दोनों को दौड़ा लिया। टीटू भागने में कामयाब रहा लेकिन संजय खेत में गिर गया और एक हाथी ने उसे उठाकर पटक दिया। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हुए तो हाथी पापुलर के खेत की ओर चले गए। पार्षद प्रमोद शर्मा ने वन विभाग के साथ ही स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना पर वन विभाग के एसडीओ यूसी तिवारी और एसपी सिटी देवेंद्र पींचा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को मौके से हटाया।
एसपी सिटी ने पुलिस फोर्स को खेतों के चारों ओर तैनात कर दिया। एसडीओ यूसी तिवारी ने बताया कि हाथियों की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष है। चार दिन पूर्व दोनों हाथियों के बहेड़ी क्षेत्र में देखा गया था, जहां उनके कुचलने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद बीते रोज हाथियों को बिलासपुर यूपी क्षेत्र में देखा गया था। यहां भी हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। माना जा रहा है कि उसके बाद दोनों हाथी शांति कॉलोनी में पहुंच गए हैं। हाथी अपने झुंड से बिछड़ने के साथ ही रास्ता भी भटक गए हैं। देर शाम तक खबर लिखे जाने तक दोनों हाथी खेत में ही थे और वन विभाग की टीम और पुलिस भी उनके निकलने का इंतजार कर रही थी।
झुंड साथ नहीं होने से रास्ता भटकने पर दो हाथी शांति कॉलोनी के खेतों में पहुंच गए आबादी क्षेत्र होने से हाथियों को रेस्क्यू करने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए रात होने का इंतजार किया जा रहा है। हाथी के झुंड का पता लगाया जा रहा है। - यूसी तिवारी एसडीओ तराई वन विभाग।
सोमवार सुबह स्थानीय लोगों से शांति कॉलोनी में दो हाथियों के पहुंचने की सूचना मिली थी। सुरक्षा के लिए क्षेत्र में रुद्रपुर, पंतनगर, किच्छा और ट्रांजिट कैंप थाने की पुलिस को तैनात किया गया है। साथ ही लोगों से शांति रखने की अपील भी की गई है। - देवेंद्र पींचा एसपी सिटी रुद्रपुर।
हाथियों से भीड़ को और भीड़ से हाथियों को बचाने की दोहरी चुनौती
रुद्रपुर। शांति कॉलोनी में पहुंचे दो हाथियों को भीड़ से बचाने और भीड़ को हाथियों से बचाने की दोहरी जिम्मेदारी वन विभाग और पुलिस पर है। सुबह करीब छह बजे वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तब तक काफी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई थी। भीड़ को देेखकर हाथियों के बिगड़ने और हाथियों के बिगड़ने पर भीड़ को नुकसान से बचाना वन विभाग और पुलिस के लिए चुनौती बन गया। कई बार पुलिस को खेतों के आसपास से लोगों को भगाना भी पड़ा। हाथियों के बिगड़ने के डर से दमकल विभाग भी पानी की बौछार नहीं कर पाया।
स्वस्थ होने से ट्रैंक्यूलाइजर नहीं की इस्तेमाल
रुद्रपुर। दोनों हाथियों के स्वस्थ होने से वन विभाग ने हाथियों को ट्रैंक्यूलाइज करने का रिस्क नहीं उठाया। दरअसल किसी भी जानवर को ट्रैंक्यूलाइज घायल होने की अवस्था में किया जाता है और इसके लिए भी देहरादून मुख्य वन जीव प्रतिपालक से अनुमति लेनी होती है। साथ ही हाथी आबादी क्षेत्र में मौजूद थे। ऐसे में ट्रैंक्यूलाइज गन की डोज कम होने पर हाथी बिगड़कर क्षेत्र में तबाही मचा सकते थे और डोज अधिक होने से उनकी जान भी जा सकती थी। फिलहाल वन विभाग की टीम शोर से हाथियों को भगाने के लिए गांधी बंदूक और पोटाश की व्यवस्था करने में भी जुटी रही।
कॉरिडोर कम होने से सीमित क्षेत्रों में फंसे हाथी
रुद्रपुर। पूर्व में जंगलों का विस्तार अधिक होने से हाथी कॉरिडोर काफी बड़े क्षेत्र में थे लेकिन धीरे-धीरे जंगलों के कटने से हाथियों का विचरण क्षेत्र भी कम होने लगा है। इससे हाथी सीमित क्षेत्र में फंसने लगे और उनके लिए भोजन और पानी की मात्रा भी कम होने लगी है, जिससे हाथी आबादी क्षेत्रों का रुख करने लगे हैं।
हाथी प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू
रुद्रपुर। एसडीएम मुक्ता मिश्रा ने बताया कि बीती 30 जून को क्षेत्र के मोहल्ला प्रीत विहार में दो जंगली हाथी घुस गए थे। लोगों को हाथियों के साथ सेल्फी लेते हुए देखा गया है। यह हाथी आमजन मानस को क्षति पहुंचा सकते हैं, लिहाजा सुरक्षा की दृृष्टि से उक्त क्षेत्र में धारा 144 लागू की गई है। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने और कोई दुर्घटना न हो, इसको लेकर शांति कॉलोनी/रंपुरा क्षेत्र के 200 मीटर की परिधि में न जाने की अपील की है। ब्यूरो