सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान फिर एक बच्चे की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चे की मौत से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में हंगामा काटा और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
चिकित्साधिकारी ने डॉक्टर को बुलाकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बच्चे को दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर उसे ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन दवाई के असर करने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
मूलरूप से सकरस थाना बहेड़ी जिला बरेली निवासी अब्दुल हसन खुनसरा गांव के कादरी ब्रिक फील्ड में ईंट थापता है। रविवार की रात उसके नौ माह के बेटे महबूब हसन की तबियत बिगड़ गई। अब्दुल, उसकी पत्नी रजिया सोमवार सुबह आठ बजे महबूब को लेकर सीएचसी आए। यहां करीब 11 बजे डॉक्टर ने बच्चे का चेकअप कर मेडिकल से दवाई मंगाई। बच्चे को तीन इंजेक्शन लगाने के बावजूद महबूब की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
अब्दुल ने ईंट भट्ठे के अन्य मजदूरों, ग्रामीणों के साथ अस्पताल में हंगामा काटा। उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी का घेराव किया और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर चिकित्साधिकारी डॉ. ऐरी ने आरोपी डॉक्टर को बुलाकर घटना की जानकारी ली। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को बेसुध हालत में अस्पताल लाया गया था। उसका चेकअप करने के बाद एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए गए।
बच्चे को रात में दोबारा दौरा पड़ने पर लगाए गए इंजेक्शन की दवाई के असर दिखाने तक बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस पर चिकित्साधिकारी ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया और फिर परिजन घर चले गए। वहां पर अब्दुल हसन, रजिया, मो. नईम आदि थे।