नगर निगम सभागार में गुरुवार को आयोजित बोर्ड की बैठक वार्ड 19 में लगे सीसीटीवी कैमरों के विवाद में ही निपट गई। बैठक में आए कुछ पार्षदों ने वार्ड 19 के पार्षद पर फर्जी तरीके से सीसीटीवी कैमरों का भुगतान लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। इसके चलते एक प्रस्ताव पारित होने के बाद बैठक धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
बैठक में पहुंचे पार्षदों का आरोप था कि वार्ड 19 के पार्षद ललित मिगलानी ने अपने वार्ड में बिना सीसीटीवी कैमरे लगाए ही किसी ठेकेदार के माध्यम से भुगतान ले लिया। उनका कहना था कि मिगलानी द्वारा वार्ड में कैमरे लगाए जाने की जानकारी न ही मेयर को है और न ही बोर्ड को। मेयर सोनी कोली ने भी विरोध कर रहे पार्षदों का समर्थन किया और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर निगम परिसर में ही सांकेतिक धरने पर बैठ गई।
इधर मामले को लेकर पार्षद ललित मिगलानी का कहना है कि पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में वार्डों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था उनके वार्ड में तय किए गए 52 सीसीटीवी कैमरों के लिए छह लाख के बजट की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्हें मुख्य नगर अधिकारी से दो लाख का बजट मिला और बाकी के छह लाख उन्होंने अपने संबंधों के आधार पर लोगों से मदद ली।
मिगलानी के अनुसार उनके द्वारा वार्ड में 18 कैमरे लगाए गए हैं जबकि 34 कैमरे अभी और लगने हैं उनका कहना है कि उनके वार्ड में कैमरे लगे हैं या नहीं मेयर इसकी जांच करवा सकती हैं। विरोध प्रदर्शन करने वालों में पार्षद सोनू तनेजा, नदीम, राजेंद्र सिंह, सविता अधिकारी, नूर अहमद, महेंद्र गोविंद राय, प्रमिला साहनी आदि थे।