कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार और वर्तमान में जालंधर(पंजाब)के फिरोजपुर तोपखाने में वाहन चालक पद पर तैनात वंश बहादुर की डेंगू से मौत हो गई। शुक्रवार को यहां शव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। दोपहर बाद जवान की अंत्येष्टि कर दी गई। बनबसा आर्मी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
शहर से सटे विरेंद्रनगर गांव निवासी आर्मी की कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार वंश बहादुर (45) पुत्र तिलकधारी पंजाब के जालंधर फिरोजपुर तोपखाने में वाहन चालक के पद पर तैनात थे। बीती छह अक्तूबर को वह छुट्टी पर घर आए थे और पांच नवंबर को छुट्टी बिताने के बाद ड्यूटी पर पहुंचे थे।
छह नवंबर को तबियत बिगड़ने पर उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। छह दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बीते बृहस्पतिवार की सुबह करीब 8:30 बजे इलाज के दौरान वंश बहादुर ने दम तोड़ दिया।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आर्मी के सूबेदार रामनिवास सोनी के नेतृत्व में जवान उनके पार्थिव शरीर को लेकर उनके सितारगंज स्थित घर पहुंचे। जवान का शव देखकर पत्नी शर्मिला देवी बेसुध हो गईं। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। दोपहर बाद गोठा गांव में उनकी अंत्येष्टि की गई। यहां सूबेदार रामनिवास और बनबसा आर्मी के 23 मराठा रेजीमेंट के सूबेदार गजानन तांडयोरेकर ने सूबेदार बहादुर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मृतक के बड़े बेटे विपिन कुमार ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।