रुद्रपुर। तीन दिन पहले रोडवेज बस टर्मिनल के पास अतिक्रमण को तोड़ने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा था। टीम तीन दुकानों को तोड़कर दो दिन में अतिक्रमण ध्वस्त करने की मोहलत देकर लौट आई थी। दो दिन बीत जाने पर सोमवार को भी बुलडोजर नहीं चला।
दुकानदार और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें उजाड़ा जा रहा है जबकि जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दुकानें खाली करने के लिए समय दिया गया था। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए दुकानें खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके बावजूद अचानक जेसीबी मशीन चलाकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और गरीब दुकानदारों पर सख्ती दिखाई जा रही है जबकि प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण पर प्रशासन नरम रवैया अपनाए हुए है। उनका दावा था कि जिन दुकानों पर कार्रवाई की गई, वह सड़क के डिवाइडर से करीब 65 से 75 फीट दूर थीं और रोडवेज डिपो की बाउंड्री वॉल के बाहर स्थित थीं। टीम ने लौटने के दौरान सोमवार को अतिक्रमण तोड़ने की बात कही थी जिस पर कुछ व्यापारियों ने भी हामी भर दी थी। उनका कहना था कि दो दिन में वह अपना सामान हटा लेंगे।
बस टर्मिनल के मुख्य द्वार के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। लोगों को अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था। शीघ्र अतिक्रमण को खाली कराया जाएगा। - पंकज उपाध्याय, एडीएम