सितारगंज नहरपार में डॉक्टर हसन क्लीनिक का मुआयना करते तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी व एसीएमओ डॉ. अवि?
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सितारगंज। नगर में फर्जी तरीके क्लीनिक चला रहे अपंजीकृत डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। छापे के दौरान अस्पताल की तरह चल रहे क्लीनिक के दस्तावेज वहां पर मौजूद डॉक्टर से मांगे गए तो वह न तो दस्तावेज दिखा सके और न ही कोई डिग्री ही मिली। इस पर टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। एसीएमओ डा. अविनाश खन्ना ने बताया कि क्लीनिक स्वामी के खिलाफ जांच आख्या बनाने के बाद पुलिस को एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी जाएगी।
शनिवार को तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहरपार स्थित डॉ. हसन क्लीनिक पर पहुंची। क्लीनिक की जांच की तो आगे क्लीनिक और पीछे अस्पताल के वार्ड बने पाए गए। इसके बाद टीम ने मरीजों की जांच कर रहे डॉक्टर से मिलकर दस्तावेज दिखाने को कहा तो क्लीनिक का कोई भी दस्तावेज नहीं था और न ही डॉक्टर ने अपनी डिग्री दिखाई। एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि 27 जून को भी क्लीनिक का निरीक्षण करने के बाद बंद करने के आदेश दिए और नोटिस भेजा था। जवाब नहीं मिलने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कहा कि क्लीनिक के खिलाफ जांच आख्या बनाने के लिए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कहा कि नगर में संचालित अन्य झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर हसन क्लीनिक की आए दिन शिकायतें आ रही थीं। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। वहां सीएमएस डॉ. राजेश आर्या, राजस्व उप निरीक्षक त्रिलोचन सुयाल, स्वास्थ्य विभाग के ललित जोशी आदि थे।