रुद्रपुर के मुख्य बाजार में दुकानों के आगे अतिक्रमण।
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रुद्रपुर मुख्य बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन का अभियान ठंडा पड़ने से एक बार फिर से फुटपाथों पर दुकानें सजने लगी हैं। कुछ जगह ध्वस्त किए गए अतिक्रमण के आगे फिर से दुकानें चल रही हैं। प्रज्ञा द ओथ फाउंडेशन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नगर निगम को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में चिह्नित 1181 अतिक्रमण पर अप्रैल 2018 में लाल निशान लगाने के बाद कार्रवाई शुरू की थी। बाद में नगर निगम व प्रशासन ने दुकानदारों द्वारा स्वयं अतिक्रमण तोड़ने की मोहलत मांगने पर नगर निगम व प्रशासन ने उन्हें समय दिया था। इधर, समय के साथ प्रशासन व नगर निगम का अतिक्रमण के खिलाफ ठंडा पड़ गया है, जबकि अभी कई अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी शेष है।
नगर निगम व प्रशासन की लापरवाही के चलते रुद्रपुर के बाजार एक बार फिर से अतिक्रमण की चपेट में हैं। नगर निगम की ओर से रुद्रपुर के फुटपाथों को चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने के दावे किए गए थे लेकिन वर्तमान में इन फुटपाथों पर फिर से अतिक्रमण कर दुकानदार सामान बेच रहे हैं। फुटपाथ और दुकानों के आगे अतिक्रमण से बाजार क्षेत्र में जाम लग रहा है।
चंडीगढ़ की तर्ज पर रुद्रपुर बाजार के फुटपाथों को विकसित करने के लिए नगर निगम के पास 10 करोड़ बजट उपलब्ध है। अचार संहिता के बाद फुटपाथों के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। - जयभारत सिंह, नगर आयुक्त।
पुलिस फोर्स न मिलने के अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रुकी
रुद्रपुर। रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र में बुधवार को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम की टीम को पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो पाई। इस कारण अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रोकनी पड़ी। नगर निगम ने आवास विकास में 149 अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी किए थे। बता दें कि बुधवार को दोपहर दो बजे से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी थी। नगर निगम ने ट्रांजिट कैंप थाने से पुलिस फोर्स की डिमांड की थी लेकिन पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकी। अब नगर निगम बृहस्पतिवार को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।