अब जिले में कूड़े बीनने वाले बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिलेगी। इसके लिए विकास भवन ने तैयारियां शुरू कर दी है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला तो 26 दिसंबर को शहीद ऊधम सिंह जयंती से यह योजना जिले के दो सेंटरों में काम करने लगेगी।
इस योजना में 5 वर्ष से 15 वर्ष तक कूड़े बीनने वाले बच्चों को शामिल किया जाएगा। देा घंटे की कक्षा में बच्चों को सिडकुल के सहयोग से मुफ्त लेखन सामग्री, ड्रेस और बैग दिया जाएगा। साथ ही दो घंटे में बच्चों को हल्का रिफ्रेशमेंट भी दिया जाएगा। तीन महीने तक लगातार पढ़ने वाले बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिया जाएगा। साथ ही इनके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ के साथ-साथ राशनकार्ड बना के भी दिया जाएगा।
इसके लिए सोमवार को सीडीओ डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने विकास भवन सभागार में शिक्षा, श्रम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में डीपीओ अखिलेश मिश्रा को नोडल अधिकारी नामित करते हुए एक सप्ताह के भीतर भदईपुरा और मल्सी में कूड़ा बीनने वाले बच्चों का सर्वे करने को कहा गया। साथ ही बच्चों के हिसाब से टाइम टेबल बनाने को भी कहा गया है। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. नीता तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह, एएलसी अनिल कुमार यादव, वीएस रावत, वीरेन्द्र प्रसाद, सीडीपीओ कमला कोरंगा आदि थे।