रुद्रपुर। तराई के जलाशय मेहमान परिंदों की खास पसंद बनते जा रहे हैं। जिले में पहली बार सर्वाधिक 112 प्रजाति के पक्षी रिकॉर्ड किए गए हैं। पक्षियों की बढ़ती संख्या से वन विभाग व स्थानीय पक्षी प्रेमी गदगद हैं।
शरद ऋतु के आगमन के साथ ही ऊधमसिंह नगर के हरिपुरा, तुमडिया डैम व बैगुल जलाशय दिन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हैं। तीनों जलाशय प्रवासी पक्षियों की पहली पसंद बन गए हैं। वही कारण है कि इस बार रिकॉर्ड स्तर पर 112 प्रजाति के पक्षी प्रवास पर हैं। हर साल नवंबर महीने में ये पक्षी यूरोपीय देशों में पारा माइनस में चले जाने के कारण तीन महीनों के लिए यहां के जलाशयों में आते हैं। प्रवास नवंबर से शुरू होकर फरवरी महीने तक रहता है। फरवरी के बाद इनके वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
वन विभाग ने प्रवास पर आए पक्षियों की एक दिवसीय गणना पिछले महीने 18 तारीख को पूरी की। इसमें पहली दफा 112 प्रजाति के पक्षी रिकॉर्ड हुए। वर्ष 2025 में प्रवासी पक्षियों की 100 प्रजातियां दर्ज हुई थीं।
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ये पक्षी बढ़ा रहे जलाशयों की शोभा
कॉमन कूट, टफ्ड डक, मल्लार्ड, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, ग्रेटर स्काउप, लिटिल ग्रैब व कारमोरेंट आदि।
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पहली बार दिखा ग्रेटर स्काउप
हरिपुरा जलाशय में पहली बार ग्रेटर स्काउप पक्षी दिखा है। यह पक्षी यूरोप और उत्तरी गोलार्द्ध के आर्कटिक टुंड्रा में पाया जाता है। बतख नुमा पक्षी बेहद शांत स्वभाव का होता है।
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स्पेशल कर्मचारियों की निगरानी में मेहमान
एसडीओ शशि देव ने बताया कि पक्षियों की निगरानी के लिए स्पेशल चार कर्मियों को तैनात किया गया है। ये कर्मचारी पक्षियों के यहां रहने तक तैनात रहेंगे। इसके अलावा वन विभाग पक्षियों पर नजर रख रहा है। जलाशयों के पास सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
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जलाशयों में प्रवास पर आने वाले पक्षियों की हर साल गणना की जाती है। इस बार पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 112 प्रजाति के पक्षी जलाशयों में रिकॉर्ड हुए हैं।
-शशि देव, एसडीओ।
फोटो-15पी- हरिपुरा जलाशय में पहली बार दिखा पक्षी ग्रेटर स्काउप। वन विभाग