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10 बिल्डरों ने शेल्टर फंड जमा करने को दिया आवेदन

Sun, 08 Oct 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो   रुद्रपुर।
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ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन) कोटे के तहत गरीबों को आवास न देने वालों पर शिकंजा कसा तो उन्हें शेल्टर फंड में धनराशि जमा करने की याद आ गई। विकास प्राधिकरण रुद्रपुर और काशीपुर से दस बिल्डरों ने शेल्टर फंड जमा करने के लिए आवेदन किया है। ये वो बिल्डर हैं, जिन्होंने गरीबों के आवास तो नहीं बनाए और अब उनके पास आवास बनाने को जगह भी नहीं बची है। शेल्डर फंड में जमा धनराशि प्राधिकरण के खाते में जमा होगी, जो गरीबों के आवास निर्माण में प्रयोग मेें लाई जाएगी।  
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नियमानुसार यदि कोई बिल्डर किसी अपार्टमेंट के लिए नक्शा पास कराता है तो निर्धारित कोटे में गरीबों को आवास देने में फीस आदि में रियायतें मिली हैं। गरीबों को भी तैयार आवास को एक तयशुदा रकम चुकाकर खरीदना होता है। अकेले रुद्रपुर में ही ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत पौने सात सौ आवास आवंटित होने थे। गरीबों को आवास नहीं देने वाले को शेल्टर फंड जमा करना पड़ता है। लेकिन जब प्राधिकरण ने आवास आवंटन की जानकारी के लिए बिल्डरों को नोटिस भेजने शुरू किए तो उनमें खलबली मच गई। उन्होंने कार्रवाई से बचने के लिए शेल्टर फंड जमा करने के लिए आवेदन करने शुुुरू कर दिए।

रुद्रपुर विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव रोहित मीणा ने बताया कि अभी तक रुद्रपुर और काशीपुर के दस बिल्डर्स ने शेल्टर फंड में धनराशि जमा करने के लिए आवेदन किया है, इनकी फाइल एडीएम कार्यालय से निस्तारित होगी। यह राशि 50 लाख रुपये से अधिक होगी। बताया कि नए नियमों के अनुसार एक बिल्डर को कुल आवास का दस फीसदी गरीबों के कोटे में आवास बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि शर्ते को उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शेल्टर फंड की राशि प्राधिकरण के खाते में जमा हो जाती है।
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