सिंचाई विभाग की जमीन जो वाहनों की पार्किंग के लिए प्रस्तावित है।
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शहर में पार्किंग नहीं होने से लगने वाली जाम की समस्या के निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। हाइवे किनारे सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन पर अस्थाई पार्किंग बनाई जाएगी। इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। पार्किंग से होने वाली आय का आधा हिस्सा निगम और आधा हिस्सा सिंचाई विभाग को मिलेगा।
दरअसल, शहर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग चौपहिया वाहनों के साथ मुख्य बाजार में पहुंच जाते हैं। दुकानों के बाहर आड़े-तिरछे वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। त्यौहारों के समय यह स्थिति और ज्यादा विकराल हो जाती है। काफी समय से पार्किंग स्थल को लेकर नगर निगम कार्यवाही में जुटा था, लेकिन बाजार के नजदीक जमीन नहीं मिलने से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही थी।
नगर निगम ने सिंचाई खंड की कैनाल कालोनी से लगी 5522 वर्ग मीटर भूमि को अस्थाई पार्किंग के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। सिंचाई विभाग और नगर निगम के अधिकारियों ने जमीन का संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों की सहूलियत के लिए खाली जमीन का समतलीकरण, चाहरदीवारी और गेट का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 24 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया है। निगम को शासन की मंजूरी का इंतजार है।
सिंचाई विभाग की करीब एक एकड़ जमीन पर अस्थाई पार्किंग विकसित करने को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी किए जाएंगे। पार्किंग पर होने वाले कार्यों के लिए निगम 24 लाख खर्च करेगा। पार्किंग में करीब 350 से अधिक कारें खड़ी हो सकेंगी। इससे बाजार में जाम से छुटकारा मिलेगा।
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सोनी कोली, मेयर, नगर निगम