काशीपुर। शिक्षा विभाग ने ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) का कार्य करने वाले शिक्षक अब मूल विद्यालय जाएंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे।
इसके साथ ही प्रधानाध्यापकों को सीआरसी का दायित्व सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षाधिकारी कुंवर सिंह रावत ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि भारत सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के एकीकरण के बाद वर्ष 2022-23 से पूर्व में गठित बीआरसी/सीआरसी का पुनर्गठन किया गया था।
उन्होंने कहा है कि ज्ञात हुआ है कि विकासखंडों में न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों से अधिक सीआरसी प्रभारी कार्य कर रहे हैं। शिक्षकों से शिक्षण कार्य के स्थान पर सिर्फ बीआरपी/सीआरपी का कार्य ही लिया जा रहा है।
शिक्षण कार्य नहीं होने के कारण संबंधित विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की कोई व्यवस्था बनाई गई हो तो तत्काल प्रभाव से बीआरपी/सीआरपी का कार्य करने वाले अध्यापकों को उनके मूल विद्यालय में शिक्षण के लिए भेजें।
साथ ही निकटस्थ स्थित राजकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को सीआरसी का दायित्व सौंपा जाए। चेतावनी दी है कि अगर आदेशों का पालन नहीं किया गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।