काशीपुर। सालों से विभागीय कार्य देखने वाले शिक्षक शीघ्र ही अपने मूल कार्य के लिए विद्यालयों में पहुंचेंगे। इसके लिए ब्लॉक संसाधन व्यक्ति (बीआरपी) और संकुल संसाधन व्यक्ति (सीआरपी) की आउटसोर्स के तहत नियुक्ति हो गई है।
दरअसल, कई सालों से काशीपुर में ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) और संकुल स्तर पर पांच शिक्षक विभागीय कार्य देख रहे हैं। अब सीआरपी के पद पर जैनब, रुचि, शिखा, सुष्मिता और बीआरपी के पद पर सना परवीन और मोनिका की नियुक्ति हो चुकी है। सना व मोनिका ने बताया कि एससीईआरटी देहरादून में तीन दिन तक विद्यालयों में बच्चों को टॉपिक को सरल भाषा में समझाने, विद्यालय की गतिविधियों पर ध्यान देने, विभागीय कार्य, पत्राचार करने, छात्र संख्या बढ़ाने, मिड-डे-मिल कार्य देखने आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक दीप्ति सिंह ने मुख्य शिक्षाधिकारी को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि जिन विकासखंडों एवं संकुल केंद्रों में बीआरपी एवं सीआरपी के पदों पर कार्मिकों को तैनाती कर दी गई है। ऐसे केंद्रों में तत्काल प्रभाव से पूर्व से कार्य देखने वाले शिक्षकों को बीआरपी एवं सीआरपी के कार्यों से कार्यमुक्त कर उनके मूल विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए कार्यमुक्त करें।
कोट:
आउटसोर्स के माध्यम से बीआरपी और सीआरपी ने काशीपुर में ज्वाइनिंग कर ली है। एक बीआरपी और आएंगे। यह कार्य देखने वाले शिक्षक अपने मूल कार्य पर विद्यालयों में सेवा देंगे। 31 मार्च तक इन कर्मियों का अनुबंध है। इनके लिए भारत सरकार से बजट मिलता है। - कुंवर सिंह रावत, मुख्य शिक्षाधिकारी, ऊधमसिंह नगर