काशीपुर। हरिद्वार जनपद में 10 गन्ना क्रय केंद्र खोलने, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करने सहित हरिद्वार के गन्ना किसानों ने गन्ना आयुक्त कार्यालय पर धरना दिया। गन्ना किसान 10 क्रय केंद्र खोलने की मांग पर अड़े थे, देर शाम को सहमति के आधार पर तीन क्रय केंद्र खोलने पर सहमति बनी। इसके बाद गन्ना किसानों का धरना समाप्त हो गया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह शास्त्री के नेतृत्व में हरिद्वार, बाजपुर और काशीपुर के गन्ना किसान सोमवार दोपहर को गन्ना आयुक्त कार्यालय पर पहुंचे। गन्ना आयुक्त कार्यालय में आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्ताेलिया का घेराव किया और उनसे हरिद्वार में 10 गन्ना क्रय केंद्र खोलने की मांग पर अड़े गए। मांग पूरी न होने तक आयुक्त कार्यालय में ही धरना देने की बात कहने लगे।
किसान अपने साथ गैस सिलेंडर और चूल्हा लेकर पहुंचे थे, वो हर हाल में समस्या का समाधान चाहते थे। किसानों की गन्ना आयुक्त से दो से तीन बार बैठक हुई और कुछ किसान को आयुक्त के कार्यालय के अंदर बैठे रहे।
किसानों का मानना था कि गन्ना आयुक्त कार्यालय से जा सकते हैं, ऐसे में वो उनको कार्यालय से जाना देना नहीं चाहते थे। किसान लक्सर चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र रायसी, रानीमजरा, सैदादाग केंद्रों को लिब्बरहेड़ी चीनी मिल को देने की मांग कर रहे थे। इस मौके पर शीतल सिंह, चौधरी रवि कुमार, प्रेम सिंह सहोता, हरि सिंह, राजकुमार, राजेंद्र राठी, बलजिन्दर सिंह संधू, जगजीत भुल्लर, बिजेंद्र सिंह डोगरा, कुलविंदर सिंह आदि मौजूद थे।
किसानों की ये भी थी मांगे
काशीपुर में 14 साल पहले बंद हो चुकी चीनी मिल के किसानों को 27 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जाए ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरे, 2025-26 का गन्ना भुगतान किसानों का शीघ्र किया जाए, किसानों को गन्ना बुवाई के लिए कृषि यंत्र और दवाइयां 80 फीसदी अनुदान पर दिलाई जाए।
वर्जन-
किसान 10 नए क्रय केंद्र बनाने की मांग कर रहे थे। नया गन्ना क्रय केंद्र नही बनाया है, जो गन्ना क्रय केंद्र पहले से थे उनमें अतिरिक्त सेंटर खोले गए हैं।
- त्रिलोक सिंह मर्ताेलिया, गन्ना आयुक्त