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एसएमआई समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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सितारगंज मटिहा गांव में दो व्यापारियों के गोदाम में रखे मिले राशन के बोरे। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। सरकारी राशन की कालाबाजारी के मामले में डीएसओ की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद डीएम के आदेश पर शुक्रवार देर रात एसएमआई समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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बृहस्पतिवार शाम मटिहा गांव में एसडीएम मनीष बिष्ट ने तहसीलदार सतीश चंद्र और अन्य राजस्व कर्मियों के साथ नगर के पंकज कुमार व नानकमत्ता निवासी बिटटू सिंह के गोदाम में छापा मारा था। एसडीएम ने गोदाम में 222 बोरे उतारकर निकल रहे कैंटर को सीज कर दिया था और चार पल्लेदारों को भी नानकमत्ता पुलिस के हवाले किया था जबकि कैंटर चालक और लेबर ठेकेदार फरार हो गए थे।
गोदाम में 920 बोरे मिले थे, जिनमें चावल व गेहूं था। हरियाणा व उत्तराखंड सरकार का मार्का लगा 1550 वारदाना भी मिला था। बरामद राशन के बोरों में भी राज्य सरकार की मुहर छपी थी। इस पर एसडीएम ने गोदाम को सील कर पूर्ति विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक केके बिष्ट और लीना चंद्रा ने रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्या को भेजी थी। आर्या ने मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति डीएम से की थी। डीएम ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद बृहस्पतिवार देर शाम वरिष्ठ विपणन अधिकारी रंजना, गोदाम स्वामी पंकज कुमार व बिटटू सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु (उत्तर प्रदेश संशोधन) अधिनियम-1978 की धारा 3/7 के मूल अधिनियम की धारा 11 के प्राविधानुसार अभियोग पंजीकृत करने की अनुमति दी और अभियोग पंजीकृत कराने के लिए डीएसओ आर्या को नामित भी कर दिया।
डीएम ने आदेश में कहा कि संयुक्त टीम की आख्या में पंकज कुमार व बिट्टू सिंह और एसएमआई की संलिप्तता सामने आई है। इधर, शुक्रवार देर रात थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट ने एसएमआई और दोनों गोदाम स्वामियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
एसएमआई के अभिलेखों की जांच शुरू
सितारगंज। एसडीएम मनीष बिष्ट के निर्देश पर तहसीलदार सतीश चंद्र ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमआई) रंजना के अभिलेखों की भी जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार ने एसएमआई दफ्तर पहुंचकर अभिलेख चेक किए और उनमें प्रविष्टि दर्ज की। तहसीलदार के निरीक्षण के दौरान एसएमआई छुट्टी पर मिलीं। इस पर अनुदेशिका कविता साहनी ने अभिलेखों का अवलोकन कराया। तहसीलदार चंद्र ने बताया कि मामले की बारीकी से गोपनीय जांच कर एसडीएम को रिपोर्ट दी जाएगी।
बयान दर्ज कर पल्लेदारों को छोड़ा
सितारगंज। नानकमत्ता थाना पुलिस के सुपुर्द चार पल्लेदार पंडरी निवासी यूसुफ, मुकेश, गोरीखेड़ा के गुड्डू व भिटौरा गांव निवासी कल्लू के परिजन एसडीएम मनीष बिष्ट से मिले और चारों पल्लेदारों को बेकसूर बताया। उन्होंने एसडीएम से पकड़े गए पल्लेदारों को छोड़ने की मांग की। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि यदि पकड़े गए लोग निर्दोष पाए गए तो उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
शाम को नानकमत्ता थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट ने चारों पल्लेदारों के बयान लिए। बयान में पल्लेदारों ने नगर के राइस मिलर का नाम उजागर करते हुए कहा कि पिछले तीन चार सालों से राइस मिलर उनसे पल्लेदारी करा रहा है। उन्हें कैंटर में भी उसी राइस मिलर ने भेजा था। लेकिन उसमें लदे सरकारी राशन के बोरे किस जगह से भरकर आए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। एसओ ने बयान लेने के बाद चारों को सितारगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल व गोरीखेड़ा गांव के प्रधान ताहिर मलिक के सुपुर्द कर दिया।
राइस मिलर पर भी हो सकती है कार्रवाई
सितारगंज। नानकमत्ता थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट के समक्ष बयान दर्ज कराने वाले पल्लेदारों ने जिस राइस मिलर का नाम उजागर किया है, उस पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। प्रशासन ने भी इस मामले में एसएमआई अधिकारी से लेकर राइस मिलर व सहकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं तक का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। तहसीलदार ने सुबह करीब 9:30 बजे दफ्तर पहुंचकर एसएमआई के स्टॉक रजिस्टर व अन्य अभिलेखों की गहनता से जांच भी की।
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