सरिता हत्याकांड के मामले में अब छात्रसंघ भी सड़कों पर उतर गया है। मंगलवार को छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राएं जुलूस की शक्ल में एसएसपी कार्यालय पहुंचे और वहां पर मौजूद एसपी क्राइम टीडी वैला का घेराव कर जल्द ही मामले का खुलासा करने की मांग की। एएसपी वैला ने छात्रों को 28 अक्टूबर तक मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
शनिवार शाम ट्रांजिट कैंप निवासी सरिता प्रजापति की लाश सिडकुल के सेक्टर 12 के पीछे बने नाले में मिली थी। पुलिस ने प्रथमदृष्टया इसे दुराचार के बाद हत्या का मामला मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मामले के खुलासे के लिए कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस को जहां तीन दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है, वहीं अब आम जनता के साथ छात्र भी सड़कों पर उतर गए हैं।
मंगलवार को सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष नकुल कैड़ा, उपाध्यक्ष कमलेश कुमार गुप्ता और छात्रा उपाध्यक्ष रुपा रानी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र छात्राएं कालेज से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन कर वहां मौजूद एएसपी क्राइम टीडी वैला को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द मामले के खुलासे की मांग की।
वैला ने छात्रों को 28 अक्तूबर तक मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस द्वारा दिए गए समय के भीतर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वह जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान मोहित सोनकर, मोहम्मद असलम, नेहा, ज्योति, पूजा, सुमन गौतम, अभिषेक शुक्ला आदि छात्र छात्राएं मौजूद रहीं।
सरिता हत्याकांड के खुलासे के लिए सड़कों पर उतरे छात्रों के आंदोलन को कुछ कांग्रेसी और भाजपाइयों ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश करने में भी कसर नहीं छोड़ी। दोनों ही पार्टियों के इन नेताओं को छात्रों का हुजूम देखकर याद आया कि उनके अपने शहर में सरिता हत्याकांड का भी कोई मामला हुआ है।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान उस समय पुलिस प्रशासन के लिए दुविधा पैदा हो गई, जब गेट पर प्रदर्शन कर रही मृतका सरिता की मां गश खाकर गिर पड़ी। आनन-फानन में उनके मुंह पर पानी की छींटे मारे गए, जिसके बाद वह होश में आईं।