सितारगंज। शासन ने कैलाश और बैगुल नदी तटबंधों को मजबूत करने के लिए 434. 51 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए शासन ने 173.8 लाख रुपये की टोकन राशि भी जारी कर दी है।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने जारी पत्र में बताया है कि 21 जुलाई को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित मूल्यांकन एवं विभागीय समिति की बैठक के बाद तीन सितंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में सितारगंज स्थित कैलाश नदी के दाएं पार्श्व में स्थित गांव रसोईयापुर, झुकाह, कौंधारतन और कौंधाअशरफ के ग्रामीणों की कृषि भूमि को बाढ़ से बचाने के लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण मद से 253.26 लाख रुपये की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
गांव सिसौना और राजनगर में बहने वाली बैगुल नदी एवं खलासी नाले से बचाव एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के लिए 181.15 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
शासन ने दोनों कार्यों के लिए कुल 173. 8 लाख रुपये की टोकन मनी भी जारी कर दी है। इसके लिए सिंचाई विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
कैलाश व बैगुल नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त होने के कारण कई साल से इसके किनारे बसे गांवों की कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई।
इससे किसानों की फसलें भी बर्बाद हो गईं। ग्रामीणों ने मंत्री सौरभ बहुगुणा से नदी के तटबंधों को मजबूत करने की मांग की थी। बहुगुणा ने राज्य आपदा न्यूनीकरण मद से तटबंध की मजबूती के लिए 434. 51 लाख रुपये अवमुक्त कराए हैं।