पेयजल निर्माण निगम ने शहरी विकास विभाग को भेजा प्रस्ताव
रुद्रपुर। जसपुर-महुआडाबरा के नालों का पानी ट्रीटमेंट कर नदी में गिराया जाएगा। इसके लिए पेयजल निगम की निर्माण विंग ने करीब 38 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इसके साथ ही अन्य शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के नालों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है।
नमामि गंगे के तहत नदी में गिरने वाले नालों के पानी के शोधन के लिए एसटीपी बनाया जाना है। इसके लिए रुद्रपुर में 22 नालों को चिन्हित किया गया था। इसके लिए शहर में तीन जगह एसटीपी बनाने के लिए शासन को डीपीआर बनाकर भेजा जा चुका है। इसी तरह जसपुर और महुआडाबरा के आठ नालों को भी चिह्नित किया गया था, जो सीधे नदी में गिरते हैं। इन नालों के पानी के शोधन के लिए लगभग 31 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके साथ ही इसके रखरखाव के लिए 7.22 करोड़ रुपये का भी प्रस्ताव बनाया गया है।
निगम ने ईओ व पंचायती राज विभाग से मांगी रिपोर्ट
रुद्रपुर। शहर व ग्रामीण क्षेत्र के कितने नाले नदियों में गिरते हैं इसकी सूचना पेयजल निगम ने सभी नगरपालिका व नगर पंचायतों और पंचायती राज विभाग से मांगी गई है। ताकि इससे नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र का अलग-अलग डीपीआर बनाकर एसटीपी के लिए शासन को भेजा जा सके। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि वे भी इसकी सूचना निगम को दे सकते हैं। संवाद
कोट- जसपुर-महुआडाबरा के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। यहां आठ नालों के लिए नदी किनारे एसटीपी और पंपिंग स्टेशन का निर्माण होना है। जमीन खरीदने की कार्यवाही चल रही है। -सुनील जोशी, ईई जल निगम।