रुद्रपुर। ग्रामीण महिलाओं की आजीविका संवर्धन के केंद्र में एसएचजी (स्वयं सहायता समूह), ग्राम संगठन और सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) की मूलभूत सुविधाओं के लिए स्टार्टअप फंड जारी किए जाएंगे। इसमें लेखा अनुरक्षण, अभिलेख, कार्यालय किराया, बिजली, पानी आदि पूरे किए जाएंगे।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जहां गांव-गांव महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा रहे हैं। वहीं, समूहों की व्यवस्थाओं का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इस वर्ष विकास भवन की ओर से 370 स्वयं सहायता समूहों को 2500-2500 की दर से धनराशि जारी की जा रही है। इसी तरह आठ सीएलएफ को 3.5-3.5 लाख और ग्राम संगठन को 75000-75000 रुपये जारी किए जा रहे हैं।
स्वयं सहायता समूह :
प्रत्येक समूह को 2500 रुपये मिलेंगे। इसमें से एक हजार रुपये समूह अभिलेख पर खर्च करेंगे। ताकि समूह का पूरा अभिलेखीकरण हो सके। इसके साथ बाकी बचे 1500 रुपये मुहर, पैड, बक्सा और स्टेशनरी पर खर्च किए जाएंगे।
ग्राम संगठन :
ग्राम संगठन को मिलने वाले 75000 में से 25 हजार रुपये कार्यालय सामग्री के रूप में खर्च किए जाएंगे। इसके बाद बाकी की धनराशि बिजली, पानी बिल, स्टेशनरी, बुक कीपर मानदेय आदि में खर्च की जाती है। इसमें पहले वर्ष 25 हजार और दूसरे वर्ष 15 हजार रुपये तक खर्च करने होंगे।
सीएलएफ :
प्रति सीएलएफ 3.5 लाख रुपये मिल रहे हैं। इसमें 50 हजार रुपये कार्यालय सामग्री और तीन लाख रुपये अभिलेख, लेखा अनुरक्षण, कार्यालय किराया, बिजली, पानी बिल, बैठक खर्च, स्टेशनरी, लेखाकार मानदेय आदि पर खर्च किए जाएंगे। इसमें पूरी धनराशि तीन वर्षों में खर्च की जाएगी। पहले वर्ष 1.5 लाख रुपये, दूसरे वर्ष एक लाख और तीसरे एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
सीडीओ, मनीष कुमार ने बताया कि समुदाय आधारित संगठनों को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 25-26 में टिकाऊ आजीविका के लिए अगले तीन वर्ष तक के सफल संचालन के लिए यह धनराशि स्टार्टअप फंड के रूप में दी जा रही है।