चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने 300 बेड के अस्पताल का निर्माण 80 फीसदी तक पूरा होने पर जहां संतुष्टि जताई, वहीं मेडिकल कॉलेज के निर्माण की एक भी ईंट नहीं लगने पर हैरानी जताई। उन्होंने कमियों का विश्लेषण करने और इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता करने की बात कही।
शनिवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना अचानक निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में पहुंच गए। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों की स्थिति देखी और अधिकारियों से नक्शा मंगवाकर जानकारी हासिल की। मेडिकल कॉलेज में शामिल 300 बेड के अस्पताल का ढांचा 80 फीसदी से अधिक पूरा मिला। डॉ. सयाना ने बताया कि मानक के अनुसार अस्पताल के लिए जरूरी ओपीडी, मोर्चरी, वार्ड सहित अन्य जरूरी ढांचा बनकर तैयार हो गया है। लेकिन मेडिकल कॉलेज का निर्माण अब तक शुरूनहीं हो सका है। मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए क्लास रूम, लैब, हॉस्टल, टीचर फैकल्टी भवन, लाइब्रेरी, प्रशासनिक ऑफिस सहित अनेक निर्माण होने हैं। किस स्तर पर कमी है, इसकी जानकारी हासिल की जा रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमीन हस्तांतरण के साथ ही नक्शा भी पास है। इस संबंध में शासन से भी बात की जाएगी। वहां पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक परितोष पंत, डॉ. सीपी भैसोड़ा, सिविल इंजीनियर पंकज बोरा, जेई राजीव गुप्ता, आरके अग्रवाल सहित अनेक मौजूद रहे।