रुद्रपुर। नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में लापरवाही पर दो महिला कांस्टेबल पर गाज गिर गई। एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामले में सात दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि बुधवार को रुद्रपुर निवासी एक महिला ने शिकायती पत्र देकर बताया था कि बीते 17 अप्रैल को पीलीभीत निवासी यश प्रताप उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया था। महिला की तहरीर पर पीलीभीत पुलिस ने नाबालिग को थाना बिलसंडा पीलीभीत से बरामद कर महिला के सुपुर्द कर दिया। इसी बीच मई महीने की शुरूआत में नाबालिग की तबीयत बिगड़ने लगी और जब उसे डॉक्टर को दिखाया गया तो जांच में वह गर्भवती निकली। यह सुन महिला के होश उड़ गए। महिला अभियुक्त पर कार्रवाई की मांग को लेकर पहले कोतवाली रुद्रपुर गई। इसके बाद कोतवाली पंतनगर, महिला हेल्प डेस्क के कई चक्कर लगाए लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सब जगह से निराशा मिलने के बाद महिला एसएसपी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। नाबालिग से मामला जुड़ा होने के कारण जब एसएसपी ने मामले के बारे में जानकारी ली तो प्राथमिक जांच में ड्यूटी के प्रति लापरवाही और संवेदनहीनता पाई गई और एसएसपी ने महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को निलंबित कर दिया।
सीओ डीआर वर्मा को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
एसएसपी ने बताया कि मामले में विस्तृत जांच के लिए क्षेत्राधिकारी डीआर वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच अधिकारी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कोट-
महिला संबंधी अपराधों में किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर पीड़ित को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मामले में प्राथमिकी कर ली गई है। - अजय गणपति, एसएसपी