तीसरी राष्ट्रीय यूथ महिला और पुरुष बॉक्सिंग चैंपियनशिप का ताज पुरुष वर्ग में एसएससीबी (सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड) और महिला वर्ग में हरियाणा की टीम के सिर सजा। एसएससीबी के मुक्केबाजों ने नौ स्वर्ण तो हरियाणा की महिला मुक्केबाजों ने पांच स्वर्ण पदक जीते।
रुद्रपुर में चल रही छह दिनी चैंपियनशिप का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। पुरुष एवं महिला वर्ग के फाइनल में 10-10 मुकाबले खेले गए। पुरुष वर्ग में एसएससीबी के मुक्केबाज शैले ने यूपी के मनीष राठौर को पराजित कर अपनी टीम के लिए पहला स्वर्ण जीता। महिला वर्ग में हरियाणा की भारती ने अपनी टीम के लिए पहला स्वर्ण जीता। पुरुष वर्ग में एसससीबी की टीम ने नौ स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक जीतकर 69 अंकों के साथ ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। जबकि हरियाणा की टीम एक स्वर्ण, छह रजत व एक कांस्य पदक के 44 अंकों के उप विजेता तो दिल्ली की टीम दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ 17 अंक अर्जित कर तीसरे स्थान पर रही।
महिला वर्ग में हरियाणा की टीम ने पांच स्वर्ण पदक, दो रजत व एक कांस्य पदकों के साथ 46 अंक प्राप्त कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। राजस्थान की टीम ने तीन स्वर्ण, दो रजत व कांस्य पदकों के साथ 32 अंक प्राप्त कर दूसरा व पंजाब ने एक स्वर्ण, दो रजत व दो कांस्य पदकों के साथ 21 अंक प्राप्त तीसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि उत्तराखंड की महिला टीम एक रजत व एक कांस्य पदक के साथ 13 अंक अर्जित कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छठे स्थान पर रही। जबकि पुरुष वर्ग की टीम एक कांस्य पदक जीतकर 14वें स्थान पर रही।
मुख्य अतिथि बलविंदर सिंह, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह, सीडीओ मयूर दीक्षित, एडीएम जगदीश कांडपाल, कमांडेंट 31वीं वाहिनी पीएसी ददनपाल और मेयर रामपाल सिंह ने खिलाड़ियों को को पुरस्कृत किया। संचालन राज्य गीत के रचियता हेमंत बिष्ट ने किया। वहां उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. डीके सिंह, कमांडेंट 46वीं वाहिनी सुखवीर सिंह, विशाल गर्ग, उत्तराखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मुखर्जी निर्वाण, महामंत्री गोपाल खोलिया, प्रकाश शर्मा, भाष्कर भट्ट, कौशल किशोर, जेएस रौतेला, संतोषी गुर्रानी, प्रियंका सिंह, संजीव पौरी, शैलेंद्र भंडारी, भुवन तिवारी, विनोद तिवारी, मनोज कुमार, सीके जोशी आदि थे।
नेहा कसनियाल की फाइनल से पहले तबियत बिगड़ी
रुद्रपुर। उत्तराखंड की नेहा कसनियाल की तबियत खराब होने के कारण वह फाइनल मुकाबले में नहीं खेल सकीं। कोच भास्कर भट्ट ने कहा कि नेहा को हल्के पीलिया की शिकायत हो रही थी। कमजोरी महसूस होने के कारण उसे फाइनल मुकाबले में खेलने से रोक दिया गया। कोच ने कहा कि वह पिछले तीन सालों से नेहा को बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि वह फाइनल मुकाबला जीतकर उत्तराखंड के लिए स्वर्ण हासिल करेगी लेकिन अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह फाइनल मुकाबला नहीं खेल सकीं। सेमीफाइनल जीतने के लिए उन्हें रजत पदक मिला।
महिला वर्ग में राज्यों को मिले स्वर्ण पदक
राज्य- स्वर्ण पदक
हरियाणा- 05
राजस्थान- 03
मणिपुर - 01
पंजाब- 01
पुरुष वर्ग में मिले स्वर्ण पदक
टीम - स्वर्ण पदक
एसएससीबी- 09
हरियाणा - 01