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रुद्रपुर। पूरे वर्ष में बजट की धनराशि खर्च नहीं करने के मामले में समाज कल्याण विभाग डीएम चंद्रेश कुमार को 31 मार्च को रिपोर्ट सौंप कर बजट का ब्यौरा देगा। समाज कल्याण विभाग में हर साल स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति के रूप में केंद्र सरकार, राज्य सरकार की ओर से छात्रों को देने के लिए पैसा आता है। सरकार से मिली राशि को विभाग को कॉलेज, स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को देना होता है, लेकिन विभाग की ओर से पूरे वर्ष में सरकार द्वारा मिले बजट को खर्च नहीं किया गया था।
इसका पता डीएम द्वारा फरवरी अंत में अधिकारियों की बैठक बुलाने पर पता चला था। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी वर्षा ने डीएम को जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें विभाग को मिली राशि छात्रवृत्ति के रूप में खर्च नहीं की गई थी। इस पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाकर मार्च 31 मार्च को रिपोर्ट देने को कहा था।
रोजाना समाज कल्याण के चक्कर काटने वाले छात्रों की यही शिकायत रहती है कि उनको मिलने वाली छात्रवृत्ति उनको नहीं दी गई है, जिस पर अधिकारी, कर्मचारी सरकार द्वारा बजट नहीं मिलने की बात कहते हैं। इससे प्राइवेट संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने वाले निर्धन छात्रों के अभिभावकों के कंधों पर फीस का भार बढ़ जाता है।
बावजूद इसके समाज कल्याण विभाग द्वारा ऐसे छात्रों की मुश्किलें दूर करने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता। वहीं अमर उजाला से बात करते हुए सीडीओ आलोक कुमार ने कहा कि तय तारीख में ही समाज कल्याण अधिकारी को डीएम को बजट का ब्यौरा पेश करना है। अधिकारी के रिपोर्ट देने के बाद ही डीएम निर्णय लेंगे।