यूएसनगर में हुई मॉक ड्रिल को अहम का सवाल बनाकर की जा रही जांचों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा रखी है। जिले के एक सीओ ने अपने मोबाइल नंबर टेप होने का अंदेशा जताकर एसएसपी कार्यालय से आरटीआई मांगने के मामले ने सभी को चौका दिया है।
सीओ ने बाकायदा एक सरकारी और एक प्राइवेट नंबर उपलब्ध कराते हुए इसकी चार महीनों की जानकारी मांगी है। अपने तरह के अजीबोगरीब मामले ने सभी को हैरत में डाल दिया है। सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर सीओ फोन पर हुई किन बातों से घबरा रहे हैं। उनका अपने उच्च अधिकारी पर से भरोसा भी डगमगा रहा है। इसे भी डीजीपी और एसएसपी के बीच चल रही रार का ही नतीजा माना जा रहा है।
दरअसल एसएसपी केवल खुराना ने यूएसनगर की बागडोर संभालने के बाद अपनी अलग कार्यशैली से जनता को खासा प्रभावित किया है। लेकिन आला अफसर की नाराजगी के चलते उन्हें नीचा दिखाने की कोशिशें भी होती आ रही हैं। एक मॉकड्रिल को विवाद बनाकर जबरन तूल दिया गया और अब जांच के नाम पर तिल का ताड़ बनाया जा रहा है। एसएसपी खुराना की कार्यशैली ने जिले के एक सीओ को काफी असहज कर रखा है।
सीओ के खिलाफ एक मामले में आरोपियों को छोड़ने की जांच भी एसएसपी ने बिठा रखी है। लेकिन सीओ ने अपने सरकारी और प्राइवेट नंबर की रिकार्डिंग का अंदेशा जताकर आरटीआई से जवाब मांगा है। यह पूछा गया है कि क्या चार महीनों से उनके दो नंबरों की रिकार्डिंग की जा रही है। अगर यह हो रहा है कि तो क्यों और किसके आदेशों से हो रहा है। इतने गहन बिंदु पर आरटीआई मांगकर जताया जा रहा है कि उसे अपने अफसर पर भरोसा नहीं है। लेकिन यह सवाल भी है कि आखिर इन महीनों में किन लोगों से ऐसी क्या बातें हुई हैं, जिनके उजागर होने से सीओ घबरा रहे हैं। कुछ न कुछ तो है, जो बाहर निकला तो जरूर भूचाल मचा सकता है।