डीजीपी के निरीक्षण में खामियां मिलने पर निलंबित एसओ अरुण कुमार सैनी की रेंज बदल दी गई है। एडीजी प्रशासन ने सैनी का गढ़वाल रेंज में तबादला कर दिया है और मंगलवार तक देहरादून लाइन में आमद कराने के आदेश दिए हैं। अजब बात है कि जिस मामले में एएसपी को दो दिन के भीतर जांच के आदेश दिए गए, उसी मामले में सस्पेंड दरोगा का तबादला दूसरी रेंज में कर दिया गया। एक ही मामले में एसओ और मुंशी निलंबित हुए, लेकिन तबादला सिर्फ एसओ का ही किया गया।
रविवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए डीजीपी बीएस सिद्धू ने वापस लौटते समय अचानक आईटीआई थाने का निरीक्षण किया था। लॉकअप में बिना लिखा पढ़ी दो लोगों को बंद करने के मामले में डीजीपी ने एसओ अरुण कुमार सैनी और मुंशी प्रकाश चंद्र को सस्पेंड कर दिया था। मामले की जांच एएसपी काशीपुर कमलेश उपाध्याय को सौंपते हुए दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई थी।
एसओ अरुण कुमार पुलिस लाइन में आमद भी नहीं करा पाए थे कि सोमवार दोपहर नाटकीय क्रम से पीएचक्यू के एडीजी प्रशासन राम सिंह मीणा का आदेश एसएसपी दफ्तर पहुंचा। जिसमें अरुण का तबादला और दून पुलिस लाइन में मंगलवार तक आमद कराने के आदेश दिए गए थे। सवाल खड़ा हो रहा है कि जब अरुण का तबादला ही होना था तो एएसपी काशीपुर कमलेश उपाध्याय को जांच ही क्यों सौंपी गई। ऐसे में दो दिन के भीतर जांच कैसे हो पाएगी, यह समझे से परे है।
निलंबित दो हुए तो केवल एक का ही तबादला देहरादून क्यों किया गया, यह भी बड़ा सवाल है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि पीएचक्यू ने दरोगा अरुण कुमार सैनी का तुरंत देहरादून तबादला करने के आदेश दिए हैं। मंगलवार तक अरुण को देहरादून पुलिस लाइन में आमद करने को कहा गया है।
इधर एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अरुण सैनी के मामले की वह जांच कर रही है। अभी तक जांच जारी है, जांच पूरी होने पर एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।