काशीपुर। महुआखेड़ागंज स्थित एवरग्रीन मटर प्लांट में दिल्ली एनसीआर के गैंग ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले खुलासा करते हुए छह शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य की पुलिस को तलाश है, जबकि दो आरोपी जेल में बंद हैं।
बीती 11/12 जनवरी की रात को महुआखेड़ागंज के आदर्श नगर में एवरग्रीन मटर प्लांट में तमंचे, माऊजर और अन्य हथियारों से लैस बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड दीपक व अरविंद को बंधक बना लिया था। बदमाश प्लांट में रखी रिवाल्विंग चेयर, विद्युत मोटर, केबल, कुल्हाड़ी, कैंची, आरी, साइकिल समेत अन्य सामान लूट ले गए थे।। 12 जनवरी की सुबह ड्यूटी पर पहुंचे सिक्योरिटी गार्ड कमल कुमार ने बंधक सुरक्षा गार्डों को मुक्त कराया था। मामले में सिक्योरिटी इंचार्ज राजपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। खुलासे के लिए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने एएसपी राजेश भट्ट और सीओ मनोज ठाकुर के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया था।
एक सूचना के आधार पर मंगलवार को आईटीआई थाना पुलिस ने डासना के आईएमएस फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर डकैती का माल बेचने जा रहे छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें मोहल्ला तेलियान थाना काकोड़ बुलंदशहर निवासी शौकीन (गिरोह का सरगना), थाना बादली दिल्ली निवासी इच्छाराम, सिवालखास थाना जानी मेरठ निवासी अहमद सईद, सईदनगर गाजियाबाद निवासी इरफान, रामढांग पौड़ी गढ़वाल निवासी आनंद नेगी और हुमांयू नगर, मेरठ निवासी रियाजुद्दीन उर्फ राजू को शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त कैंटर (एचआर 63 सी 8961) और उसमें रखा सामान छह मोटर, चार क्विंटल ट्रांसफार्मर की केबल, 90 किग्रा स्टील फ्रेम, बैटरी, कुर्सियां और अन्य सामान भी बरामद किया है। आईटीआई थाने में वारदात का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि वारदात में वांछित गढ़ी ठुकरान थाना काकोड़, बुलंदशहर का शौकीन और साजिद जेल में हैं। उन्हें बी वारंट पर लेने की तैयारी की जा रही है। घटना के दो अन्य आरोपी विजयनगर, गाजियाबाद निवासी चांद व लोनी, गाजियाबाद निवासी रमेश अभी फरार हैं।
पुलिस टीम के लिए इनाम की घोषणा
काशीपुर। डकैती की वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने ढाई हजार और एएसपी राजेश भट्ट ने डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। टीम में एसओ कुलदीप अधिकारी, पैगा चौकी प्रभारी मनोज देव, एसआई प्रदीप पंत, कांस्टेबल देवेंद्र बिष्ट, कैलाश परिहार, गौरव यादव, अर्जुन लाल, नवीन प्रकाश, अमरीश व कैलाश तोमक्याल मौजूद रहे।
वारदात में प्रयुक्त कैंटर से बदमाशों तक पहुंची पुलिस
काशीपुर। मटर प्लांट में डकैती में लूटा गया माल ले जाने के लिए बदमाश कैंटर लेकर आए थे। कैंटर का नंबर ट्रेस कर पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई। लोनी, गाजियाबाद निवासी रमेश वहां टेंपो चलाता है। कुछ माह पूर्व वह महुआखेड़ागंज के प्लांट में मटर उतारने आया था। तब उसने प्लांट में बड़ी तादात में तांबा देखा था। उसने अपने साथियों को बताया कि उक्त मटर प्लांट में करीब 25-30 लाख रुपये का तांबा पड़ा है। इस सूचना पर वारदात से दो दिन पूर्व शौकीन, इरफान, चांद व रमेश रेकी करने प्लांट पर पहुंचे। फिर 11/12 जनवरी की रात 10 बदमाश फैक्ट्री में घुस आए। उन्होंने सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाकर फैक्ट्री में सामान देखा लेकिन उन्हें तांबा नहीं मिला। इसके बाद बदमाशों ने फैक्ट्री के पार्ट्स खोलने का भी प्रयास किया लेकिन वेल्डिंग कटर न होने के कारण वह मशीनों को नुकसान नहीं पहुंचा सके। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो वहां एक कैंटर (एचआर 63सी 8961) प्लांट के बाहर खड़ा दिखाई दिया। इसी कैंटर को ट्रेस कर पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई।
डासना जेल में आग लगाने का आरोपी था राजू
काशीपुर। मटर प्लांट की डकैती में गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। ये आरोपी आपराधिक मामलों में विभिन्न जेलों में सजा काट चुके हैं। गैंग का एक सदस्य रियाजुद्दीन उर्फ राजू वर्ष 2000 में हत्या के एक मुकदमे में 19 वर्ष 27 दिन की सजा काट चुका है। डासना, गाजियाबाद जेल में रहते हुए राजू ने वर्ष 2007 में गैस सिलिंडर में आग लगा दी थी। इस हादसे में पांच कैदियों की मौत हो गई थी। तब यह प्रकरण देश भर में चर्चा में रहा था। गिरोह का सरगना शौकीन धारा 307 में 4 वर्ष 15 दिन और चोरी के मामले में एक माह की सजा भुगत चुका है। तीसरा आरोपी कैंटर चालक इच्छाराम वर्ष 2016 में रंगदारी व हत्या के प्रयास के मामले में 2 वर्ष 3 माह की सजा काट चुका है। चौथा आरोपी अहमद सईद वर्ष 2008 में डकैती के मामले में 9 वर्ष व लूट के मुकदमे में एक वर्ष और पांचवां आरोपी इरफान वर्ष 1999 में धारा 307 में 6 वर्ष और वर्ष 2009 में हत्या के प्रयास में 9 वर्ष 5 महीने की सजा काट चुका है। छठा आरोपी आनंद नेगी उर्फ अन्नू धोखाधड़ी के मुकदमे में एक वर्ष की सजा काट चुका है।