सितारगंज। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वामी यतीश्वरानंद ने बंद चीनी मिल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मिल की स्थिति जानीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के पेराई सत्र से मिल को पीपीपी मोड पर चालू कर दिया जाएगा। मिल चालू होने से सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा क्षेत्र के लाखों किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
बृहस्पतिवार को गन्ना मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और सांसद अजय भट्ट ने सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा व खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी के साथ चीनी मिल का निरीक्षण किया। गन्ना मंत्री ने कहा कि 30 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी और एक जुलाई को टेक्नीकल व फाइनेंशियल बिड खोली जाएंगी। जो कंपनी अधिक दर पर टेंडर डालेगी, उसे ही मिल पीपीपी मोड पर दी जाएगी। उन्होंने मिल को दोबारा चालू कराने के लिए सरकार में पहल करन वाले सांसद अजय भट्ट, विधायक सौरभ बहुगुणा व खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया। वहां किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष इकबाल सिंह, गुरजीत सिंह, कमल जिंदल, आदेश ठाकुर, विकास शर्मा, उपकार सिंह बल, विजय सलूजा आदि थे।
जल्द होंगी रिक्त पदों पर नियुक्तियां: स्वामी
सितारगंज। गन्ना विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि जल्द ही पीसीएस परीक्षा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों से रिक्त पदों की सूची भी मांगी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सितारगंज चीनी मिल बंद करने के दौरान बीआरएस न लेने व समायोजन की मांग करने वाले 45 कर्मचारियों के कोर्ट जाने के मामले में कहा कि आपस में मिल बैठकर इसका समाधान निकालेंगे। उन्होंने यहां की गन्ना समितियों की खराब हालात को स्वीकारते हुए कहा कि जल्द समितियों की स्थिति भी सुधारेंगे। वहां गन्ना विभाग के डीसीओ कपिल मोहन, किच्छा चीनी मिल की जीएम रूचि रयाल, एसडीएम मुक्ता मिश्र, तहसीलदार परमेश्वरी लाल, चीनी मिल के मुख्य अभियंता विनीत जोशी आदि थे।
सितारगंज में बंद चीनी मिल का निरीक्षण करते गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री यतीश्वरानंद, सांस?- फोटो : SITARGANJ