गदरपुर ब्लाक में तैनात एक शिक्षिका को एक साल से वेतन नहीं मिलने का मामला डीएम डा. पंकज कुमार पांडेय के दरबार में पहुंच गया है। भुक्तभोगी शिक्षिका ने रोते हुए दर्द भरी दास्तान डीएम को सुनाई तो उसी समय मुख्य शिक्षा अधिकारी को तलब किया गया। डीएम ने आठ जून तक मामले का निस्तारण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इस दौरान पीड़ित शिक्षिका और परिजनोें ने मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. नीता तिवारी को जमकर खरीखोटी सुनाई।
मंगलवार को गदरपुर ब्लाक में तैनात शिक्षिका रुचि अग्रवाल ने परिजनों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर व्यथा सुनाई। शिक्षिका ने खंड शिक्षा कार्यालय में तैनात अधिकारी कर्मचारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। कहा कि जुलाई-अगस्त 2014 में चिकित्सा अवकाश और सितंबर से मार्च 2015 तक मातृत्व अवकाश पर थीं। नियमानुसार इस अवधि का वेतन भी देय है। मगर उसे वेतन से वंचित रखा गया। कहा कि खंड शिक्षा कार्यालय में कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उसे टहलाया गया। इस पर डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. तिवारी को तत्काल तलब किया और कार्यशैली में सुधार की हिदायत दी। कहा कि खंड शिक्षा कार्यालय से रिपोर्ट मंगाकर की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
डीएम दफ्तर से बाहर निकलते ही मुख्य शिक्षा अधिकारी को शिक्षिका और परिजनों ने जमकर खरीखोटी सुनाई। इससे मौके पर लोगों का जमावड़ा लगता देख सीईओ तिवारी वहां से खिसक गईं। बाद में मौजूद लोगों को शिक्षिका ने रो-रोकर आपबीती सुनाई।