रुद्रपुर गल्ला मंडी में सुनसान पड़ा आरएफसी का धान खरीद केंद्र
- फोटो : amar ujala
जिले के कुछ केंद्रों पर धान की तोल ही शुरू नहीं हो सकी तो कुछ केंद्रों तक किसान ही नहीं पहुंचे। जहां किसान पहुंची भी तो धान में नमी ज्यादा होने का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने खरीदने से मना कर दिया। इसके बाद किसानों को मजबूरी में समर्थन मूल्य से कम पर धान आढ़तियों को बेचना पड़ा। रविवार को अधिकारिक तौर पर धान खरीद शुरू होनी थी, लेकिन उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के बगवाड़ा मंडी, फुलसुंगा और आरएफसी के गल्ला मंडी में खुले केंद्रों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। तराई विकास सहकारी संघ कार्यालय और गल्ला मंडी में यूसीएफ के धान खरीद केंद्र खोले ही नहीं जा सके। गल्ला मंडी के केंद्र मेेें आसपास गांवों और सीमा से सटे यूपी के बिलासपुर से किसान धान बेचने पहुंचे थे, लेकिन धान में करीब 27 फीसदी नमी होने के कारण आरएफसी के खरीद केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने खरीद से मना कर दिया। इस पर किसानों को मजबूरी में समर्थन मूल्य 1550 रुपये व 1590 रुपये प्रति क्विंटल से बेहद कम दाम 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आढ़तियों को धान बेचना पड़ा। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजेंद्रर सिंह विर्क ने कहा पूरी सरकारी मशीनरी और व्यवस्था किसान को लूटने में लगी है। मंडी समिति में किसान के धान को सुखाने की व्यवस्था नहीं है। इस कारण मजबूरी में उसे अपना धान समर्थन मूल्य से बेहद कम पर बेचना पड़ रहा है।
मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी ने कहा कि गल्ला मंडी में पहुंच रहे किसानों का मंडी सहायकों द्वारा प्रवेश शुल्क काटा जा रहा है। इस प्रवेश शुल्क की पर्ची को 6-आर फार्म में लगाया जा रहा है। दो-तीन दिन के भीतर मंडी में अधिक किसान आने लगेंगे तो व्यवस्थाए दुरुस्त हो जाएंगी।
17 प्रतिशत नमी का मानक बना किसानों की समस्या
धान की खरीद में 17 प्रतिशत नमी का मानक किसानों के लिए समस्या बना है। कुछ दिन पहले हुई बारिश और धान को बगैर सुखाए खेतों से सीधे तोल केंद्र तक लाने की वजह से नमी 24 से 27 प्रतिशत तक है। चूंकि सरकार मंडी समिति व अन्य सरकारी एजेंसियों के पास धान को सुखाने की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में वह नमी ज्यादा होने का हवाला देते हुए धान खरीदने से हाथ खड़े कर रहे हैं। इसका फायदा आढ़ती और राइस मिलर उठा रहे हैं। वह किसानों से मनमाने दामों पर धान खरीद रहे हैं। अधिकांश आढ़तियों और राइस मिलरों के ड्रायर की सुविधा है। सहायक निबंधक सहकारिता मान सिंह सैनी ने बताया कि केंद्रों पर 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाला धान खरीदने के निर्देश नहीं है।
पहले दिन गोदाम में ही डंप रहा बारदाना
सरकारी धान खरीद केंद्र पर धान की खरीद न होने से बारदाना गोदामों से बाहर तक नहीं निकल सका। आएफसी के मार्केटिंग निरीक्षक सुधीर कुमार ने कहा धान की खरीद के लिए आरएफसी के गोदाम में करीब दो लाख बारदाना है। उधर, पूर्वी रुद्रपुर किसान सेवा सहकारी समिति में बनाये गये केंद्र में दिनभर बारदाना गोदाम में ही पड़े रहे। केंद्र प्रभारी पंकज कश्यप ने बताया पहले दिन खरीद शन्य रही।
रविवार से अधिकारिक रूप से धान खरीद केंद्र शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश से धान में नमी ज्यादा होगी। फिलहाल किसानों को अभी तीन-चार दिन तक धान बेचने केंद्र पर नहीं लाने को कहा गया है। किसानों की सुविधा के लिए धान क्रय केंद्रों को बढ़ाया जा रहा है। किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने और केंद्र बढ़ाने के लिए मंगलवार को बैठक रखी गई है।
-जगदीश चंद्र कांडपाल, एडीएम, रुद्रपुर