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Udham Singh Nagar News: सिस्टम की खामोशी...इलाज की उम्मीदों के बीच संक्रमण का अड्डा

Wed, 10 Sep 2025 12:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का शिकार हो रहा है। अस्पताल के पीछे जर्जर हो चुके लोहे के डस्टबिन में कचरा बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के पड़ा रहता है।
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बायोमेडिकल वेस्ट सबसे खतरनाक कचरे में गिना जाता है। यहां न तो समय से इसका उठान हो रहा है और न ही डस्टबिन के आसपास सफाई। परिणामस्वरूप वेस्ट बाहर बिखर जाता है, जिस पर आवारा पशु और कुत्ते भोजन की तलाश में मुंह मारते देखे जा सकते हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रही है।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल से रोजाना भारी मात्रा में खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है, लेकिन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। ट्रामा सेंटर के पीछे डंपिंग स्थल की हालत यह है कि आसपास घास-फूस उग आई है और नियमित सफाई तक नहीं कराई जाती। यह लापरवाही मरीजों, स्टाफ और आसपास रहने वालों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
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अनदेखी का नमूना

-अस्पताल से रोजाना निकल रहा वेस्ट खुले में पड़ा
-जर्जर डस्टबिन से बाहर बह रहा खतरनाक कचरा

-सफाई और निस्तारण की कोई नियमित व्यवस्था नहीं

-पशुओं की आवाजाही से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा

बायोमेडिकल वेस्ट क्यों खतरनाक?
-इसमें ब्लड, इंजेक्शन, सीरिंज, पट्टियां और दवाओं के अवशेष होते हैं।

-गलत निस्तारण से एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, टीबी जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।

-पशु और पक्षियों के संपर्क से संक्रमण चेन पूरे समाज तक पहुंचने का खतरा रहता है।

-डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन है कि इस वेस्ट का निस्तारण नियमित और वैज्ञानिक ढंग से होना चाहिए।


सीएमओ, डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि सप्ताह में दो दिन ग्लोबल संस्था गदरपुर का वाहन बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिए काशीपुर अस्पताल जाता है। नियमित गाड़ी क्यों नहीं आ रही है, इसकी जानकारी लेकर कंपनी को पत्र जारी किया जाएगा। वेस्ट को नियमित उठाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
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