नानकमत्ता डेरा कारसेवा के बाबा तरसेम सिंह पर विभिन्न आरोप लगाते हुए सिखों ने तहसील में नारेबाजी करते हुए तलवारों के प्रदर्शन किया और तराई सिख महासभा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इससे पहले सिख समाज के लोगों ने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में बैठक कर गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की संपत्ति खुर्द-बुर्द किए जाने के मामले की निंदा की।
शनिवार को तहसील पहुंचे तराई सिख महासभा के लोगों का आरोप था कि बाबा ने गुरुद्वारे की जमीन को ट्रस्ट बनाकर अपने नाम कर लिया है। शिक्षण संस्थाएं और गुरुद्वारा दूध वाला कुआं पर फर्जी ट्रस्ट बनाकर कब्जा कर रखा है। कहा कि बाबा धार्मिक सेवा का काम छोड़कर अन्य कार्यों में लगे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है। कहा कि जब तक गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति पर कब्जे नहीं हटेंगे, वह चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने सीएम हरीश रावत को संबोधित ज्ञापन एसडीएम भगत सिंह फोनिया को सौंपा और बाबा के नाम पर गुरुद्वारे की संपत्ति खारिज कर गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के नाम दर्ज कराने की मांग की।
इससे पहले गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में सिखों की बैठक हुई, जिसमें फतेहजीत सिंह ने कहा कि बाबा द्वारा गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति बनाया गया है, जो कि संगत के हित में नहीं है। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष नवतेजपाल सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की प्रबंध समिति का चुनाव कर सिख समाज के हाथों में उसका संचालन सौंपा जाए। इस मौके पर प्रीतम सिंह संधू, जगीर सिंह जख्मी, सुखवंत सिंह, ज्ञान सिंह, जरनैल सिंह लहरी, बलदेव सिंह, सुखचैन सिंह, गुरसेवक सिंह महार, मंजीत सिंह पूरनपुर, गुरमेज सिंह, गुरमीत सिंह, हरविंदर सिंह आदि थे।