दिनेशपुर। अनुदेशकों की कमी से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। स्थानांतरण के चलते यहां दो ट्रेड अनुदेशक विहीन हो गए हैं। एक ट्रेड में दो की जगह एक ही अनुदेशक है। दूसरे ट्रेड के अनुदेशकों से किसी तरह से प्रशिक्षण कार्य चलाया जा रहा है। अतिरिक्त जिम्मेदारी होने से अनुदेशकों को भी परेशानी हो रही है।
युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नगर में जाफरपुर मार्ग पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित है। यहां फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, वेल्डर और इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड में वर्तमान दो सौ छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मानक के तहत एक ट्रेड में दो-दो अनुदेशकों की तैनाती होनी चाहिए।
स्थानांतरण के चलते फिटर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वर्तमान कोई प्रशिक्षक नहीं है। वेल्डर ट्रेड में एक अनुदेशक का पद रिक्त है। दूसरे ट्रेड के अनुदेशकों से इन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को किसी तरह से ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। जिससे प्रशिक्षुओं और अनुदेशकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
संस्थान में अब दो यूनिट के वायरमैन ट्रेड में दो, इलेक्ट्रीशियन और वेल्डर ट्रेड में मात्र एक-एक अनुदेशक है। सिलाई-कटाई और पेंटर ट्रेड में कई वर्ष से शासन से अनुदेशक का पद स्वीकृत नही है जिससे इन दोनों ट्रेड का लाभ युवक-युवतियों को नहीं मिल पा रहा है।
-वर्जन-
अनुदेशकों की कमी से प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। अनुदेशक उपलब्ध होने पर समस्या का समाधान होगा। -नूतन सक्सेना, प्रधानाचार्य आईटीआई।