सितारगंज। नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर में शिव महापुराण कथा के छठे दिन कथावाचक पंडित राम जी महाराज ने जंगल में हिरन और हिरनी को भगवान शिव के दर्शन की कथा का वर्णन किया।
पवित्र श्रावण मास में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन पंडित राम जी महाराज ने भक्तों को बताया कि एक शिकारी था जो हिरनों का शिकार करके अपना जीवन यापन करता था। एक बार, वह अपने परिवार के साथ जंगल में शिकार करने गया। बारिश होने लगी और वे एक गुफा में छिप गए। उसी गुफा में, एक हिरन और हिरनी भी शरण लिए हुए थे।
शिकारी ने हिरन को मारने का फैसला किया, लेकिन तभी भगवान शिव प्रकट हुए और शिकारी को रोक दिया। भगवान शिव ने शिकारी को बताया कि वह हिरन और हिरनी उनका ही रूप हैं और उन्हें मारकर वह पाप का भागीदार बनेगा।
शिकारी ने अपनी गलती महसूस की और भगवान शिव से क्षमा मांगी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिए और उसे आशीर्वाद दिया। वहां पर शिवकुमार मित्तल, रोशन लाल अग्रवाल, महेश मित्तल, विंदेश जायसवाल, भगवान सिंह भंडारी, लक्ष्मी सिंघल, करोस्ता शर्मा, राजरानी गर्ग, सुशील गोयल आदि उपस्थित थे।