काशीपुर। पिस्यू लूण नमक बेचकर ख्याति पाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी को आईआईएम फीड ने उनके स्टार्टअप को 20 लाख रुपये का अनुदान दिया है। दस लाख रुपये की पहली किस्त भी दे भी दी है। यह राशि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत दी गई है। शशि रतूड़ी के पिस्यू लूण की मांग विदेशों तक में है।
टिहरी गढ़वाल की शशि बहुगुणा रतूड़ी ने ब्रांड बनाया जो काफी प्रसिद्ध हो रहा है। इस ब्रांड का ''''पिस्यू लूण'''' लोगों की जुबां पर चढ़ गया है। पिस्यू लूण का मतलब सिलबट्टे पर पिसा हुआ नमक है। आज शशि रतूड़ी की कंपनी का सालाना राजस्व लाखों रुपये है। उन्होंने अपने बेटे की मदद से साल 2018 में इसकी शुरुआत की।
शशि रतूड़ी के बेटे अभय ने बताया कि मां के साथ की कई महिलाएं नमक पीसती थीं। 58 साल की उम्र में मां को बिजनेस वुमन बनाने का फैसला किया। अभय ने बताया कि ‘नमकवाली’ नाम से 2018 में सोशल मीडिया पर पेज बनाया। अच्छा रिस्पॉन्स मिला और ऑर्डर आने लगे। वर्ष 2020 में वेबसाइट बनाई। साथ ही इसे अमेजन पर भी बेचना शुरू किया। यह विदेशों में भी फेमस हो गया।
ऐसे बनाया जाता है पिस्यू लूण पिस्यू लूण
नमक को पचाने में बहुत फायदेमंद है, खासकर पेट की एसिडिटी को कम करने में। इस नमक में पुदीना, धनिया, हल्दी, अदरक, लहसुन, मिर्च मिलाए जाते हैं। इन सबको पत्थर या सिल-बट्टे पर पीसकर नमक में मिलाया जाता है। उनके पास 20 से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। इनमें पिस्यू लूण नमक, पहाड़ी शहद, हल्दी, गाय का घी, चटनी पाउडर और दालें शामिल हैं।