एनएच-74 और एनएच-125 के चौड़ीकरण में भूमि मुआवजा घोटाला मामले में एसआईटी ने चौथे दिन की पड़ताल में पूर्व एसएलओ और निलंबित एसडीएम अनिल शुक्ला समेत चार अन्य अफसरों से भी गहन पूछताछ की। करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद एसआईटी ने उनके बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। एसआईटी चार दिन में 31 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक के बताए जा रहे इस घोटाले में जिले के कई अफसरों सहित कई तहसील स्तर के कर्मचारियों के भी नपने की तैयारी हो चुकी है। एसआईटी टीम के अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई संभवत: एक-दो सप्ताह के भीतर इस महाघोटाले की जांच शुरू कर देगी। इस मामले में सीबीआई पुलिस से संपर्क में है। शनिवार को निलंबित एसडीएम और पूर्व एसएलओ अनिल शुक्ला सुबह 11 बजे पुलिस ऑफिस पहुंचे जहां एसआईटी टीम ने एक बंद कमरे में उनसे कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। राजस्व विभाग के चार अन्य अफसरों से भी पूछताछ हुई। हालांकि घोटाले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज वर्तमान में कोषागार के डबल लॉक में बंद हैं फिर भी एसआईटी अपने स्तर से इस मामले में तेजी से जांच कर रही है। एसआईटी ने शुक्रवार को तत्कालीन एलएलओ और पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह से भी साढ़े सात घंटे तक पूछताछ की। इस बारे में सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि निलंबित एसडीएम और पूर्व एसएलओ अनिल पूछताछ के लिए 11 बजे एसएसपी कार्यालय पहुंच गए थे, जहां उनके बयान वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किए गए हैं। पूछताछ शाम छह बजे तक चली। उन्होंने बताया कि एसआईटी अभी अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी।