रुद्रपुर। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा ने जाली नोट बनाकर बाजार में खपाने के मामले में सात अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। जसपुर में साढ़े 11 साल पहले अभियुक्त गिरफ्तार हुए थे।
जसपुर कोतवाली में 12 अगस्त 2013 को तत्कालीन एसएचओ जेसी पाठक ने केस दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि 12 अगस्त 2018 की दोपहर मुखबिर ने सूचना दी थी कि पिक्चर हॉल मोड़ के पास कंप्यूटर सेंटर नेशनल इंस्टीट्यूट में जाली नोटों के साथ मार्कशीट और गाड़ियों के कागज तैयार किए जा रहे हैं। टीम ने कंप्यूटर सेंटर पर दबिश देकर वहां से तीन लोगों को दबोचा था। एक व्यक्ति ने अपना नाम शहजाद निवासी लकड़ी मंडी चौराहा जसपुर, मोहसिन निवासी डहरिया नई बस्ती (जसपुर) और शहनवाज निवासी लकी मंडी चौराहा (जसपुर) बताया। आरोपियों के कब्जे से 100 रुपये के 290 जाली नोट बरामद हुए थे।
उन्होंने बताया था कि वे कंप्यूटर और प्रिंटर तकनीक का इस्तेमाल कर जाली नोट छापते हैं और 10 रुपये के स्टांप वाले कागज का इस्तेमाल करते हैं। वे नोटों को छापकर अपने साथी मनमोहन निवासी जुलाहान (जसपुर) हिमांशु निवासी भूतपुरी थाना अफजलगढ़, वसीम निवासी डल्ला छिपियान जसपुर और वसीम निवासी भट्टा काॅलोनी जसपुर के माध्यम से बाजार में चलाते हैं। पुलिस ने नकली नोट छापने में इस्तेमाल उपकरण, नकली नोट और 200 स्टांप विभिन्न बोर्ड व विद्यालय की कूटरचित मार्कशीट भी जब्त की थी।
इस मामले में अभियुक्त राजपाल, शहजाद, शहनवाज, वसीम, शहनवाज, वसीम और हिमांशु के खिलाफ विवेचक ने अलग-अलग आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। यह मुकदमा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय के सुपुर्द किया गया। न्यायालय ने अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में सातों अभियुक्तों को दोषमुक्त करने के आदेश दिए।