रुद्रपुर। फर्जी दस्तावेज पर विदेश भेजने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अभियुक्त पति-पत्नी के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
रणधीर सिंह पुत्र अंग्रेज सिंह निवासी ग्राम नेताजी नगर, थाना दिनेशपुर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि वह अपने भतीजे जसराज सिंह पुत्र बलदीप सिंह निवासी उम्मीदपुर, पोस्ट करनपुर (रामनगर नैनीताल) को उच्च शिक्षा के लिए कनाडा भेजना चाहता था।
उन्होंने इसके लिए गुरबाज सिंह गिल, गुरबाज की पत्नी मनदीप कौर निवासी 46 राबाना घासी डंडिया न्यामत गंज, बिलासपुर (रामपुर, उत्तर प्रदेश) से बात की। गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर लोगों को स्टडी वीजा और वर्क वीजा पर विदेश भेजने का काम करते हैं।
एक अप्रैल 2024 को गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर प्रार्थी के कार्यालय जस्ट गो ओवरसीज निकट बाजपुर गन हाउस भूरारानी गेट रुद्रपुर आए। प्रार्थी के भतीजे को स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने का विश्वास दिलाया। बताया कि इसमें 27 लाख रुपये का खर्चा आएगा।
इस पर तीन लाख रुपये नकद गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर को दिए। इसके बाद 11 अप्रैल को 13,08,829 रुपये और 22 मई 2024 को 10,43,800 रुपये उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। 10 जनवरी 2025 को प्रार्थी ने 12 जनवरी की कनाडा की कथेपैसिफिक एयरलाइन की टिकट बुक कराई। प्रार्थी का भतीजा जसराज 12 जनवरी को नई दिल्ली से विमान पर कनाडा चला गया। कनैडियन एम्मीग्रेशन पर गुरबाज सिंह और उसकी पत्नी के दिए दस्तावेज और वीजा को फर्जी बताया गया। जसराज सिंह पर पांच हजार डॉलर का जुर्माना लगा दिया गया। 13 जनवरी को उसे फ्लाइट से वापस भारत भेज दिया गया। टिकट आदि पर तीन लाख रुपये का खर्च आया।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में गुरबाज सिंह गिल और मनदीप कौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।