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एसडीएम के आदेश भी बेअसर

Fri, 13 Oct 2017 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज
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jammy srinagar highway - फोटो : AMAR UJALA
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सितारगंज। एनएच-125 निर्माण की जद में गलत तरीके से एक किसान की भूमि दर्शाने के मामले में दोषी राजस्व कर्मियों के खिलाफ एसडीएम के आदेश भी बेअसर हैं। किसान द्वारा सूचना के अधिकार में मांगी गई जानकारी में इसका खुलासा हुआ है। एसडीएम ने तहसीलदार को दो राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा, किंतु साढ़े तीन माह बाद भी तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे किसान में रोष है। 
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  खैराना गांव के अर्जुन सिंह पुत्र पैड़ाराम ने आरटीआई में एसडीएम कार्यालय से सूचना मांगी। इसमें पता चला कि उसकी भूमि खाता संख्या-95 खसरा नंबर 1/2 रकबा 0.3570 हेक्टेयर दर्ज अभिलेख है। जिसका कुछ रकबा राजस्व कर्मियों द्वारा मुआवजे के लिए एनएच 125 में दर्शाया गया। जबकि, यह रकबा एनएच से सौ मीटर से अधिक दूरी पर है। राजस्व कर्मियों द्वारा पूर्व में इस जमीन को गुरिया पुत्र रूपाराम को गुरिया पुत्र खैराराम दर्ज कर भूमि कागजात में शामिल कर घोर लापरवाही की गई। जांच के दौरान खातेदार अर्जुन सिंह ने गुरियाराम पुत्र रूपाराम के नाम दर्ज भूमि के साक्ष्य पेश किए। जिस पर तत्कालीन एसडीएम ने तहसीलदार को राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, लेकिन तहसीलदार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला एसडीएम विनोद कुमार के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने 24 जून को दोबारा तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल को आरोपी राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा। जिस पर तहसीलदार द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसान में बेहद रोष है। उसने डीएम से मामले में कार्रवाई की मांग की। 
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